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काम न मिलने से परेशान श्रमिक फिर लौट रहे दिल्ली

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Workers upset over not getting work again return to Delhi - फोटो : BANDA
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बांदा। दिल्ली में कोरोना संक्रमण का जबरदस्त प्रकोप होने के बाद भी प्रवासी श्रमिक वापस राजधानी लौट रहे हैं। इनकी स्थिति मरता क्या न करता जैसी है। तीन माह तक यहां रहे श्रमिकों को काम या मजदूरी नहीं मिली। घरों के ठंडे पडे़ चूल्हो से परेशान होकर फिर दिल्ली का रुख किया है। उनका कहना है कि कोरोना से तो एक बार बच सकते हैं लेकिन लगातार भुखमरी से नहीं। रोजाना रोडवेज की बसों से मजदूरों की दिल्ली वापसी का सिलसिला जारी है। पखवारे भर में दिल्ली के लिए रोडवेज बसो में 1145 श्रमिक रवाना हुए हैं।
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मार्च माह में लॉकडाउन के बाद से जिले में 60 हजार से अधिक प्रवासी मजूदर वापस गृह जनपद लौट आए थे। तीन माह से भी ज्यादा अर्सा बीत जाने पर अधिकांश इन प्रवासी मजदूरों को कोई काम नहीं मिला। बेरोजगारी में यह तंगहाली से जूझ रहे हैं। घरों के चूल्हे बुझे पडे़ है। इससे परेशान होकर मजदूर फिर वापस जा रहे है। रोजाना यहां से दिल्ली जाने वाली रोडवेज की बसें मजदूरों से भरी नजर आ रही हैं। शनिवार को भी 35 प्रवासी मजदूर बस से दिल्ली रवाना हुए।
काम न मिलने से लौटने को हुए मजबूर
नरैनी के पटेल नगर के करण प्रसाद ने कहा कि वह दिल्ली में मजदूरी करता था । 26 अप्रैल को यहां आया था। रोजगार न मिलने से यहां परिवार के भूखों मरने की नौबत आ गई है। मजबूरन जाना पड़ रहा है।
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नहीं जाएंगे तो भूखे मर जाएंगे
इटवा गांव के देव कुमार ने बताया कि वह दिल्ली में ब्रेकरी में काम करता था। लॉकडाउन में घर लौट आया था। यहां कोई रोजगार नहीं दिख रहा है। कोरोना को देखेंगे तो परिवार भूखों मर जाएगा।
काम भी नहीं मिला, कर्ज भी हो गया
मालपुर गांव के रामहित ने कहा कि कोरोना के डर से घर आए थे। मजदूरी तो मिली नहीं कर्ज ऊपर से हो गया। कर्ज चुकाने के लिए अब परिवार सहित दिल्ली जा रहे हैं। यहां सबकुछ हवा-हवाई है। कोई भला होने वाला नहीं हैं।
प्रवासी मजदूरों को रोकना और उनके गांव में ही रोजगार या काम दिलाना संबंधित खंड विकास अधिकारी की जिम्मेदारी है। अगर मजदूर काम के अभाव में पलायन कर रहे है तो इसका जरूर संज्ञान लिया जाएगा। हालांकि रोजगार के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। बिना ब्याज का ऋण भी दिया जा रहा है। श्रमिक रोजगार के लिए श्रम विभाग, बीडीओ, डूडा, सेवायोजन कार्यालय, गांधी ग्रामोद्योग, उद्योग केंद्र आदि विभागों से संपर्क करें।-हरिश्चंद्र वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी, बांदा।

Workers upset over not getting work again return to Delhi- फोटो : BANDA

Workers upset over not getting work again return to Delhi- फोटो : BANDA

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