सफाई कर्मचारी ठेकेदारों के चंगुल से मुक्ति चाहते हैं। सफाई मजदूर दिवस के मौके पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ ने प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर ठेकेदारों से निजात दिलाने की फरियाद की है।
संघ ने जिला प्रशासन के माध्यम से भेजे ज्ञापन में कहा है कि कांग्रेस सरकार 6वें वेतन आयोग से सिफारिश कराकर सफाई मजदूरों की सरकारी नौकरियां छीन लीं। उन्हें ठेकेदारों के हवाले कर दिया। जबकि ठेकेदारों से काम कराना गैरकानूनी है।
ठेकेदार अपने सर्विस चार्ज समेत सरकार से वेतन वसूलते हैं, लेकिन कर्मचारियों को आधा भी नहीं देते। जितने कर्मचारियों का वेतन सरकार के खजाने से लिया जाता है वास्तविक रूप में उससे आधे कर्मचारी रखे जाते हैं। सफाई मजदूरों ने कहा कि सफाई कामगार जाति का आरक्षण कोटा उनकी संख्या के आधार पर अलग किया जाए।
आरक्षण कोटे से क्रीमी लेयर हटाया जाए। सफाई कर्मियों ने प्रधानमंत्री से कहा कि उनकी मांग पूरी कर दें तो अच्छे दिन लाने का वादा पूरा हो जाएगा। यह भी मांग की कि राष्ट्रीय सफाई आयोग को अन्य आयोगों की तरह न्यायिक अधिकार दिए जाएं।
प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डीडी पंडा समेत तोताराम गहिरवार, ओम प्रकाश बबली, छोटेलाल, केदारनाथ, अजीत, विष्णु, सावित्री, श्याम, चिंटू, फूलचंद्र, गायत्री, रन्नो, जागेश्वर आदि शामिल रहे।