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साइबर क्राइम में लिपिक का बेटा गिरफ्तार

Sat, 01 Aug 2015 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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दूसरे के खातों से आनलाइन खरीददारी कर लाखों रुपये का चूना लगाने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके पास बड़ी संख्या में मोबाइल सिम, लैपटॉप, वोटर आईडी, आधार कार्ड और अन्य सामान बरामद हुए हैं। यहां लगभग छह माह से कई लोगों के खातों से लाखों रुपये उड़ाने की घटनाएं हुई हैं। पुलिस इसकी सुराग में लगी थी।
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गुरुवार की रात क्षेत्राधिकारी राजेश सिंह व थानाध्यक्ष घनश्याम पांडेय ने पुलिस बल के साथ नगर पालिका मेें तैनात लिपिक वीरेंद्र तिवारी के पुत्र प्रदीप तिवारी को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।

थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी ने 25 फरवरी 2015 से 10 मार्च तक नरैनी रोड अतर्रा निवासी डा. बाबूलाल पांडेय के खाते से 4.50 लाख रुपये की आनलाइन खरीददारी की थी। इसके अलावा पोस्ट ग्रेजुएट कालेज प्रवक्ता पीके सक्सेना के खाते से 1.19 लाख रुपये की शापिंग की।
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थानाध्यक्ष के मुताबिक वीरेंद्र दूसरे नामों से सामान मंगाता था। सामान आने के बाद बेच देता था। इसी काली कमाई से उसने अप्रैल 2015 में अपनी मां के नाम 7.53 लाख रुपये का यशोदा नगर कानपुर में प्लाट खरीदा। बताया कि उसके कब्जे से 53 सिम, विभिन्न नाम व पते के 10 वोटर आईडी, 4 आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, सीडी, 10 मोबाइल फोन, 15 हजार रुपये और चार लोगों की फोटो बरामद हुईं।

आरोपी ने बताया कि एटीएम से रुपये निकालते समय किसी बहाने से खाताधारकों के एटीएम कार्ड का नंबर ले लेता था। इसी नंबर के आधार पर आनलाइन खरीद करता रहा। दबिश के समय पुलिस टीम में कांस्टेबल रमेश सिंह व आनंद देव भी शामिल रहे। रिपोर्ट दर्ज कर वीरेंद्र को जेल भेज दिया गया। आरोपी वीरेंद्र तिवारी मूल रूप से कानपुर देहात के कोनिया परास (घाटमपुर) का रहने वाला है।
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