नशन पर बैठे मंडल के जल संस्थान कर्मी।
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चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में शनिवार से पेयजल आपूर्ति के बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। मंडल के चारों जिलों में जल संस्थान संविदा कर्मियों ने कार्य बहिष्कार हड़ताल का एलान कर दिया है। संविदा कर्मियों का यहां चल रहा क्रमिक अनशन छठवें दिन भी जारी रहा।
जल संस्थान महाप्रबंधक आवास के सामने स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ बैनर तले मंडल के चारों जिलों के संविदा व अन्य कर्मी क्रमिक अनशन कर रहे हैं। महासंघ ने 10 अगस्त को आधी रात के बाद से हड़ताल पर जाने का एलान पहले ही कर दिया था। इसके बाद भी जल संस्थान अधिकारियों ने हड़ताल खत्म कराने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की।
महासंघ के मंडल अध्यक्ष श्रीपाल यादव और महामंत्री जयराम चौरसिया ने कहा कि कार्य बहिष्कार पूरी तरह से होगा। कोई भी कर्मचारी पेयजल योजनाओं में काम नहीं करेगा। जलापूर्ति बाधित होती है तो इसके लिए अधिकारी जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि महासंघ के चारों जनपदों के अध्यक्ष आंदोलन में शामिल हैं।
चित्रकूट जिलाध्यक्ष कमलेश पांडेय, महोबा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह और हमीरपुर जिलाध्यक्ष गोरेलाल ने कहा है कि उनके जिलों में भी कार्य बहिष्कार पूरी तरह सफल रहेगा। महासंघ नेताओं ने इस स्थिति के लिए जल संस्थान महाप्रबंधक को जिम्मेदार बताया। उधर, महाप्रबंधक आवास के सामने महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों का चल रहा क्रमिक अनशन शुक्रवार को छठवें दिन भी जारी रहा।
सभी कर्मचारी आउट सोर्सिंग (ठेका) के हैं। इनकी दो मांगें हैं। बकाया वेतन का भुगतान और ई-टेंडर के तहत आउट सोर्सिंग ठेकेदार का चयन। बजट आने वाला है। मंडलायुक्त ने पत्र भेजा है। प्रमुख सचिव नगर विकास से बात भी हुई है। बजट आते ही भुगतान कर दिया जाएगा। ई-टेंडर से ठेकेदार के चयन की मांग मान ली गई है। अब हड़ताल का कोई औचित्य नहीं है। फिर भी हड़ताल हुई तो विभागीय कर्मचारी और अधिकारी ऐसी व्यवस्था करेंगे कि जलापूर्ति बाधित न हो’।-जवाहर राम, महाप्रबंधक, चित्रकूटधाम जल संस्थान, बांदा।