बांदा। नारी अब अबला नहीं रही। आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल और सुरक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के बैनर तले आयोजित गोष्ठी में यह बात राज्य महिला आयोग सदस्य प्रभा गुप्ता ने कही। साथ ही व्यवसायिक प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया।
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आर्य कन्या इंटर कालेज में गोष्ठी हुई। जन शिक्षण संस्थान भी सहयोगी रहा। निदेशक मोहम्मद सलीम अख्तर ने महिला दिवस मनाने के उद्देश्य व संस्थान द्वारा आयोजित व्यवसायिक प्रशिक्षण की जानकारी दी। समाजसेवी आशा सिंह ने कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों और प्रशिक्षण के जरिए महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
सिलाई, कढ़ाई, जूट क्राफ्ट, ब्यूटीकल्चर आदि कोर्स बेटियों को रोजगार दिलाने में मद्दगार साबित हो रहे हैं। मेजबान कालेज प्रबंधक शमीम बानो ने कहा कि नारी किसी से पीछे नहीं है। उन्हें समाज के विकास में अपनी सक्रियता जरूर दिखाना चाहिए। साहित्यकार चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ‘ललित’ ने कहा कि महिलाएं शक्ति की देवी है। गृहणी का अर्थ पूरा घर महिलाओं का ऋणी होता है।
अशोक कुमार त्रिपाठी जीतू ने कहा कि अब महिलाएं में जागरुकता तेजी से बढ़ रही है। पूनम गुप्ता ने महिलाओ को आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। इस असर पर अनुदेशक फरजाना, आरती सिंह, दीपा द्विवेदी, चंद्ररेखा, राखी धुरिया, शिवांगी द्विवेदी, नाजनी, निदा जवी समेत 30 महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा ब्यूटीकल्चर, कंप्यूटर, सिलाई आदि प्रशिक्षणों में 260 प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम समन्वयक नीरज कुमार, कार्यक्रम अधिकारी संजय पांडेय, सहायक कार्यक्रम अधिकारी मयंक सिंह, लेखाकार लक्ष्मीकांत दीक्षित, सहायक शिवांगी द्विवेदी, अनुदेशिका सीता तिवारी, मनोज कुमार, नीरज कुशवाहा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम समन्वयक सौम्य खरे ने आभार जताया।
गोष्ठी में उपस्थित छात्राएं और महिलाएं। - फोटो : BANDA