बांदा। मायके में कुएं की जगत में बैठी महिला को अचानक मिर्गी का दौरा आ जाने से वह कुएं में गिर गई। पुलिस और परिजनों ने उसे कुएं से निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। जिला अस्पताल की मोर्चरी परिसर में मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर खैर खबर न लेने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर शांत किया।
बिसंडा थाना क्षेत्र के पुनाहुर गांव निवासी आशा (28) अक्तूबर 2024 से मायके बबेरू कोतवाली क्षेत्र के गौरीखानपुर गांव में रह रही थी। सोमवार की शाम चार बजे करीब वह घर से कुछ दूरी पर स्थित कुएं में नहाने गई थी। अचानक उसे मिर्गी का दौरा पड़ने से वह कुएं में गिर गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कुएं से बाहर निकाला। परिजन उसे लेकर बबेरू सीएचसी पहुंचे। वहां से डाॅक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रात के समय इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पति अनूप राजा ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर पेटिंग का काम करता है।
उधर, आशा के भाई शिवा ने आरोप लगाया कि जीजा शराब का नशा करता है। अक्तूबर में छोड़ने के बाद एक भी बार उसने उसकी खैरियत तक नहीं ली। इस बात पर दोनों पक्षाें के बीच जिला अस्पताल की मोर्चरी परिसर में कहासुनी हो गई। बबेरू कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि महिला को मिर्गी की बीमारी थी। कुएं में गिर जाने से उसकी मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।