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Banda News: पत्नी व अस्पताल प्रबंधन पर नवजात को बेचने का आरोप

Fri, 21 Aug 2026 11:17 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बांदा। देहात कोतवाली क्षेत्र के करबई गांव निवासी हसीब अली ने पत्नी, सास, साले और निजी अस्पताल प्रबंधन पर नवजात बेटी को महोबा के एक रेलकर्मी को बेचने का आरोप लगाया है।
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पीड़ित ने सिविल लाइन चौकी में प्रार्थना पत्र देकर नवजात को तलाशने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, महिला के भर्ती रिकार्ड, बच्ची के जन्म संबंधी दस्तावेज और सुपुर्दगी की रसीद की जांच शुरू कर दी है।
हसीब अली ने बताया कि वह मुंबई में कपड़ों की फेरी लगाता है। पत्नी सबीना बानो गर्भवती थी। 14 अगस्त को सुबह करीब चार बजे उसे आवास विकास स्थित अवनि परिधि अस्पताल में भर्ती कराया था। उसी दिन ऑपरेशन से उसने बेटी को जन्म दिया।
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इसकी जानकारी हसीब को पत्नी के भाई राशिद ने फोन पर दी। हसीब ने बताया 15 अगस्त को परिजन अस्पताल पहुंचे तो पत्नी और नवजात नहीं मिलीं। फोन भी नहीं उठाया। इसके बाद परिजन सबीना के घर पहुंचे, जहां बच्ची नहीं मिली। पूछने पर कोई साफ जवाब नहीं दिया।
पीड़ित का आरोप है कि 19 अगस्त को उसकी सास आसमा ने फोन कर उसे तलाक देने का दबाव बनाया। इसके बाद वह मुंबई से 20 अगस्त की शाम बांदा पहुंचा। 21 अगस्त को अस्पताल पहुंचने पर उसे पता चला पत्नी और सास ने नवजात को महोबा के बजरिया निवासी एक रेलकर्मी को दे दिया है। अस्पताल की ओर से उसे संबंधित व्यक्ति के आधार कार्ड की प्रति और आईपीडी की रसीद भी दी गई।
हसीब का आरोप है कि अस्पताल में उसकी पत्नी ने पति की मौत होने और दो बेटियां होने की बात कहकर आर्थिक जरूरत के चलते बच्ची देने की बात कही है। पुलिस ने दोनों पक्षों को सिविल लाइन चौकी बुलाया गया है।
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अस्पताल संचालक बोले- बच्ची बेची नहीं गई
अवनि परिधि अस्पताल के संचालक प्रदीप सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सबीना को उसकी मां आसमा और भाई राशिद ने 14 अगस्त को सुबह करीब साढ़े छह बजे भर्ती कराया था।
नवजात को आईसीयू में रखने के बाद 17 अगस्त को सबीना के भाई राशिद और मां आसमा की सुपुर्दगी में दिया गया। सबीना को भी छुट्टी दे दी गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज व अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिए हैं। अस्पताल से किसी भी नवजात को नहीं बेचा गया है। हसीब और पत्नी के बीच आपसी विवाद है, जिसमें अस्पताल को बेवजह घसीटा जा रहा है।
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हिदायत के साथ बच्ची मां को सौंपी
बांदा। देर शाम सिविल लाइन चौकी पुलिस ने पीड़ित हसीब व उसकी पत्नी सबीना और ससुरालियों को चौकी पर बुलाया गया। यहां सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक के सामने दोनों पक्षों से दो घंटे तक पूछताछ की गई।
हसीब ने बताया कि उसके साले ने फोन से बताया था कि उसकी बेटी हुई है। बाद में सास ने बेटी के मरने की जानकारी दी थी। जिस पर वह मुंबई से गांव के कब्रिस्तान तक गया था। बाद में उसे अस्पताल में बच्ची के जीवित होने की जानकारी मिली थी।
वहीं, हसीब की पत्नी सबीना ने बताया कि प्रसव के समय पति हसीब नहीं आया था, इसलिए रिश्तेदार रेल कर्मी को बच्ची दे दी थी और पति से बच्ची के मरने की बात कही थी। रेल कर्मी व उसकी पत्नी ने पुलिस के समक्ष बच्ची को सौंप दिया है।
रेल कर्मी ने बताया कि उन्होंने सबीना से बेटी प्राप्त की थी। उसे खरीदा नहीं था। सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चूंकि मामला नवजात से जुड़ा है इसलिए प्रकरण की 14 दिन जांच चलेगी। नवजात को उसकी मां सबीना को हिदायत देकर सौंपा दिया गया है। (संवाद)
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वर्जन

मामले की जांच कराई जा रही है। दोनों पक्षों को चौकी में बुलाया गया है। अस्पताल में भी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए, महिला का एडमिट रिकार्ड, बच्ची का जन्म रिकार्ड व रिसीविंग रसीद आदि की जांच कराई जा रही है। बच्ची मां को सौंप दी गई है। -पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक बांदा।
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