बांदा। केन का जल स्तर घटने के बाद गांवों में गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है। पानी तो उतर गया लेकिन उसके साथ आया मलवा भीषण दुर्गंध मार रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक प्रभावित गांवों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं किया। ऐसे में प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
दो दिन से आसमान खुला हुआ है और बारिश भी नहीं हुई। जिससे केन नदी का जल स्तर चार मीटर घट गया है। दो दिन पहले केन नदी अपने खतरे के निशान 104 मीटर के करीब पहुंच गई थी। रविवार को यह घटकर 99.20 मीटर पर पहुंच गई है। पैलानी व जसपुरा संवाददाता के अनुुसार केन और चंद्रावल नदी की बाढ का पानी नरी, अमारा, बरेहटा, नांदादेव, पडोहरा, शंकरपुर आदि 24 से ज्यादा गांव व मजरों में पानी घुस गया था। यहां पर नदी का पानी तो सिमट गया लेकिन उसके साथ आया मलवा पड़ा हुआ है और बुरी तरह से बदबू मार रहा है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं किया। शाम होते ही मच्छरों की आमद बढ़ जाती है। रात के अंधेरे में सडांधयुक्त बदबू पूरे वातावण में फैलती है जिससे घरों में रहना मुश्किल हो गया है। संपर्क मार्गो में पांच इंच तक कीचड़
होने से लोगों का निकलना दूभर हो गया है। गांव के यदुनाथ पाल, रामजियावन निषाद, पंकज, पप्पू शुक्ला, ग्राम प्रधान रोहित,प्रधान रामसजीवन आदि ने डीएम से साफ-सफाई व कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की मांग की है। उधर, यमुना का जलस्तर पर उतरने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार यमुना के जलस्तर में 40 सेंटी मीटर की कमीं आई है। रविवार को यमुना का जलस्तर चिल्ला घाट में 97.27 मीटर था। हालांकि यमुना का पानी अभी भी पैलानी क्षेत्र के कई गांवों में भरा हुआ है।
वर्जन-
केन नदी का जलस्तर घटने लगा है। पानी से जो गांव खुल गए है उनमें सोमवार से साफ-सफाई कराई जाएगी। ग्राम पंचायत व स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से टीम कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करेंगी। शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। राजस्व विभाग से भी कहा गया है कि वह फसलों के नुकसान का सर्वे करें।- अंकित वर्मा, एसडीएम पैलानी
राशन किट का वितरण किया
बांदा। अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने अतर्रा तहसील के अमवां व तेंदुरा गांव का निरीक्षण किया। बाढ़ पीड़ितों के बीच बाढ़ राहत किट का वितरण किया।
प्रत्येक प्रभावित परिवार को 2.5 किलो लाई, 2 किलो भुना चना, एक किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्कुट, 10 किलो आलू सहित नमक, मशाला आदि शामिल है।भाजपा जिलाध्यक्षकल्लू राजपूत जी, ब्लॉक प्रमुख शंभू प्रसाद, तहसीलदार दीपेंद्र कुमार, जिला आपदा विशेषज्ञ डा. प्रभाकर सिंह, नायब तहसीलदार शिवम् कुमार मौर्य ग्राम प्रधान आदि मौजूद रहे।
मंडी सचिव कराएं सड़े गल्ले की भरपाई
बांदा। तिंदवारी रोड स्थित सरकारी गल्ला मंडी में जलभराव से व्यापारियों का 20 बीस लाख से अधिक का गल्ला चना, मसूर, गेहूं, चावल, मटर आदि सड़ गया। गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता का कहना है कि मंडी सचिव की लापरवाही से मंडी की कभी नालियां साफ नहीं हुई। बारिश का पानी जल निकासी न होने से दुकानों के अंदर भर गया। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश सरार्फ का कहना है कि व्यापारियों के इस नुकसान की भरपाई मंडी सचिव से कराई जाना चाहिए।
बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण कर बताए जरूरी सुझाव
जसपुरा। संभावित बाढ़ को देखते हुए शनिवार देर शाम एएसपी शिवराज, एसडीएम अंकित वर्मा व सीओ सदर राजवीर सिंह ने सिंधनकला गांव के तुर्री नाला का निरीक्षण किया। केन का जलस्तर बढ़ने से रपटा के ऊपर से पानी बहने लगता है, जिससे कई गांवों संपर्क कट जाता है। उन्होंने बाढ़ की स्थिति की जानकारी लेकर संभावित खतरे से बचने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। बाढ़ से जन-धन की हानि से बचने के लिए सुरक्षा व सतर्कता के प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा गया। एएसपी ने कहा कि रपटा पर चौकसी बढ़ाई जाए। (संवाद)