बांदा। बिसंडा क्षेत्र पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के उजागर होने के बाद, अधिकारी हरकत में आ गए हैं और रातोंरात सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यह मामला तब सामने आया जब अमर उजाला ने 17 फरवरी 2026 को क्षेत्र पंचायत में बिना काम के आठ करोड़ रुपये के भुगतान का समाचार प्रकाशित किया। इस खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पंचायती राज को जांच के लिए पत्र लिखा है।
सूत्रों के अनुसार एक ही ठेकेदार को पिछले दो सालों में छह करोड़ रुपये की सामग्री आपूर्ति के ठेके दिए गए, जिसके लिए बिना काम के ही भुगतान कर दिया गया। इससे भी गंभीर बात यह है कि मजदूरी के दो करोड़ रुपये का भुगतान भी ठेकेदार के खाते में ही कर दिया गया। इन खुलासों के बाद, हरकत में आए अधिकारी लीपापोती का प्रयास करने का आरोप लग रहा है। जिन सड़कों का भुगतान बिना निर्माण के हो चुका था, उन्हें अब नए सिरे से बनवाया जा रहा है।
वहीं अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए कैरी गांव में मेन रोड से रामस्वरूप पटेल के मकान तक और लौली टीकामऊ गांव में मेन रोड से विनोद के प्लाट तक की सड़कों का निर्माण रातोंरात करा दिया है। अन्य दो सड़कों के लिए भी निर्माण सामग्री डाल दी गई है। इसके अलावा, जिन मजदूरों के नाम पर भुगतान हुआ था, उनसे भुगतान मिलने का लिखित लिया जा रहा है।
इधर, तीन माह के लिए प्रभारी बीडीओ बने अतर्रा के एसडीएम राहुल द्विवेदी ने अपने कार्यकाल की बोर्ड बैठकों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर कई बार दर्शाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा हुआ है, तो वे संबंधित लोगों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। इस चेतावनी के बाद से अधिकारी और ठेकेदार एसडीएम को मनाने में जुटे हैं।
लिपिक का स्थानांतरण और साक्ष्य मिटाने की आशंका
क्षेत्र पंचायत में लेखाधिकारी का कार्य देख रहे एक लिपिक का स्थानांतरण 27 अक्टूबर 2025 को ही एसआरओ फूड चित्रकूट के लिए कर दिया गया था। हालांकि, प्रभारी बीडीओ ने शासन के आदेश के बाद भी उसे कार्यमुक्त नहीं किया था। मामले का खुलासा होने के बाद जिला विकास अधिकारी राजेश कुमार के हस्तक्षेप पर बीडीओ ने गुरुवार को लिपिक को कार्यमुक्त कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि इस कदम के पीछे अधिकारियों की मंशा इस पूरे अनियमितता प्रकरण की जानकारी रखने वाले लिपिक को हटाकर जांच को प्रभावित करने और साक्ष्य मिटाने की हो सकती है।
आकांक्षी ब्लॉक में प्रभारी बीडीओ की तैनाती पर सवाल
बिसंडा जो एक आकांक्षी ब्लॉक है। इसमें पिछले डेढ़ साल से प्रभारी बीडीओ कार्य देख रहे हैं। नियमानुसार आकांक्षी ब्लॉक में केवल बीडीओ की ही तैनाती हो सकती है, राजस्व अधिकारी को यह दायित्व नहीं सौंपा जा सकता। प्रदेश के आयुक्त ग्राम विकास ने 12 फरवरी और 23 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी को पत्र जारी कर स्पष्ट आदेश दिए थे कि आकांक्षी ब्लॉक में केवल बीडीओ को ही तैनात किया जाए। इसके बावजूद, डेढ़ साल से राजस्व अधिकारी डिप्टी कलेक्टर अंजनी यादव बीडीओ का कार्य देख रही हैं, जबकि अन्य ब्लाकों में बीडीओ तैनात हैं।
अनियमितताओं के मुख्य आरोप
कैरी गांव में रामस्वरूप के मकान से एमए की ओर जाने वाली सीसी रोड का निर्माण।
लौली टीकामऊ में मेन रोड से विनोद के प्लाट को जाने वाली सीसी रोड का निर्माण।
लौली टीकामऊ में राधाकृष्ण मंदिर में गेट व नवाब के घर से सीसी रोड का निर्माण।
गडांव के उसरी पुरवा में सर्विस रोड से विद्यालय तक सीसी रोड निर्माण।
एक ही बोर्ड की कार्ययोजनाओं का कई सालों तक इस्तेमाल।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर सादे पेज अपलोड करना और कार्ययोजना के इतर काम करवाना।
दो करोड़ की मजदूरी का फर्जी भुगतान ठेकेदार के खाते में डालना।
अधिकारियों के बयान:
मामले की जांच शासन स्तर पर लंबित है। प्रभारी बीडीओ को जांच होने तक कोई नया निर्माण व दस्तावेजों से छेड़छाड़ न करने की हिदायत दी गई थी। यदि ऐसा हुआ है तो शासन को अवगत कराया जाएगा।
- अजय कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
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जिन बिंदुओं की जांच के लिए डीएम ने शासन को लिखा है, उसे छेड़ना गलत है। यदि सड़क का निर्माण कराया जा रहा है तो इसकी जानकारी शासन व जांच को आने वाले अधिकारियों को दी जाएगी।
- राजेंद्र कुमार जिला पंचायत राज अधिकारी