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शादियां हुईं ‘लॉक’, अब शुभ लग्न छह माह बाद

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बेटी की शादी का कार्ड दिखातीं सविता देवी। - फोटो : BANDA
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बांदा। कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए लॉकडाउन और सामाजिक दूरी की बंदिश ने गर्मी की सहालग (वैवाहिक कार्यक्रमों) पर ग्रहण लगा दिया है। 20 अप्रैल से 30 जून के बीच जिले के करीब 300 शादियां तय थीं। अब विवाह बंधन में बंधने के लिए उन्हें कम से कम 6 माह इंतजार करना होगा।
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लॉकडाउन और आपसी दूरी की बंदिशों का वैवाहिक कार्यक्रमों पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। विभिन्न मैरिज हॉल में हुई बुकिंग के अनुसार शहर से लेकर गांवों तक लगभग 300 शादियां तय थीं, लेकिन कोरोना महामारी के चलते वर-वधू पक्षों को शादियां टालनी पड़ीं। अब नई तिथियां निकालने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि कई लोगों ने टेंट, विवाह घर, डेकोरेशन, बैंड, कैटरिंग आदि की बुकिंग कर दी थी।
ज्योतिषाचार्य पंडित हर्षित महाराज (जरैली कोठी) ने बताया कि इस वर्ष शादियों की शुभ तिथियां 30 जून तक हैं। इसके बाद शुभ लग्न 22 नवंबर से शुरू होगा। ऐसे में इस लग्न में टलने वाली शादियों को अगले मुहूर्त के लिए कम से कम 6 माह का इंतजार करना पड़ेगा। शहर के एक मैरिज हॉल के मालिक संतोष कुमार साहू ने बताया कि अप्रैल से लेकर जून तक कई शादियां हमारे यहां बुक थीं, लेकिन लॉकडाउन ने सब लॉक कर दिया। सभी को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
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शादियां टलने से प्रभावित होने वाले कारोबार
शादियां स्थगित होने से मैरिज हॉल, सराफा, कपड़े, फर्नीचर, इलेक्ट्रानिक उपकरण, बैंडबाजा, फोटोग्राफी, ब्यूटी पार्लर, कास्मेटिक, किराना, बर्तन, हलवाई, कैटरिंग, टेंट, डेकोरेशन, फूलों की सजावट, लाइट हाउस, ट्रवेल्स आदि कारोबार ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
लॉकडाउन : नहीं हो सके बेटियों के हाथ पीले
अतर्रा। तिलक नगर निवासी शिक्षक सविता देवी की पुत्री ज्योति की शादी कानपुर के केशव पुरम में 20 अप्रैल को तय थी लेकिन लॉकडाउन से शादी टल गई। सविता बताती हैं कि दो माह से घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। कार्ड छप गए थे। मैरिज हॉल, टेंट आदि की बुकिंग कर दी थी। सारी व्यवस्थाएं धरी रह गईं।
अब अगली तिथि तय होने पर ही हाथ पीले हो सकेंगे। कमोवेश यही स्थिति नरैनी रोड निवासी माया रैकवार की है। उसकी बेटी सुधा की 26 अप्रैल को बरात आनी थी। तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं। शादी में दिए जाने वाले सामान आदि की बुकिंग हो गई थी।
अब कोरोना महामारी के चलते वर पक्ष ने बाद में शादी करने की बात कहकर तिथि टाल दी। सिविल लाइन निवासी रामसजीवन और उसकी पत्नी चंदा देवी ने बताया कि पुत्री रोशनी की शादी 17 मई को तय थी। संक्रमण पर उन्होंने खुद शादी टाल दी। लोगों को महामारी से बचने के प्रति जागरूक कर रही हैं। चंदा बताती है कि शादी टलने पर उन्हें कोई मायूसी नहीं है।

माया रैकवार।- फोटो : BANDA

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