बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के 148 गांवों में नए वर्ष पर घर-घर पानी आपूर्ति की तैयारी है। मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने जल जीवन मिशन योजना के तहत शुरू काम को हर हाल में 31 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मंडल के 1779 गांवों में हर घर नल-हर घर जल योजना से पानी पहुंचाया जाना है। अब तक 80 गांवों में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। 148 गांवों के 34,492 घरों में नए साल से पूर्व जलापूर्ति शुरू होगी।
गुरुवार को जल जीवन मिशन योजना की मंडल स्तरीय बैठक में चारों जिलों की समीक्षा की गई। आयुक्त ने हमीरपुर में योजना की रफ्तार सबसे सुस्त होने पर नाराजगी जताई। चेतावनी दी कि योजना में सुस्ती स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में जो स्थिति सामने आई उसके मुताबिक महोबा में नौ टंकियों का निर्माण ही शुरू नहीं हुआ। यहां चार टंकियां बन चुकी हैं। 44 गांवों में पाइप लाइन का काम पूरा हो गया है। 18 गांवों में घर-घर जलापूर्ति शुरू होने वाली है।
बांदा में सीडब्ल्यूआर (क्लियर वाटर रिजर्व) निर्माण का काम बाकी है। आयुक्त ने इसे शुरू कराने और इंटेकवेल के काम में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। जनपद में 5750 किलोमीटर पाइप लाइन पड़नी है। अब तक 1415 किमी. लाइन डाली जा चुकी है।
चित्रकूट में इंटेकवेल निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया। यहां कुल 3642 किमी. पाइप लाइन पड़नी है। अभी सिर्फ 610 किमी. ही डाली गई है। हमीरपुर में 2466 किमी. पाइप लाइन बिछाई जानी है, 549 किलोमीटर पाइप लाइन ही बिछाई जा सकी है।
आयुक्त ने कहा कि चारों जिलों के योजना में शामिल सभी 148 गांवों में 31 दिसंबर तक जलापूर्ति शुरू होनी चाहिए। विद्युत विभाग को योजना में जहां भी प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन देने के निर्देश दिए। एडीएम (नमामि गंगे) राजेश यादव (हमीरपुर), जुबैर बेग (महोबा), जल निगम अधीक्षण अभियंता राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता संदेश सिंह तोमर आदि उपस्थित रहे।
बांदा। मंडल के चारों जिलों के गो आश्रय स्थलों में रोशनी और गोवंश को ओढ़ाने के लिए बोरों की व्यवस्था 31 दिसंबर तक की जाए। यह निर्देश मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने दिए हैं।
चारों जनपदों में कुल 1,55,381 गोवंश गोशालाओं में संरक्षित हैं। आयुक्त ने इन जिलों के डिएम को गोशाला में रोशनी और बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। बोर्ड में नोडल और प्रभारी अधिकारी के नाम और फोन नंबर लिखे होंगे।
बताया गया कि बांदा में 43,981, चित्रकूट में 41,755, महोबा में 31,145 और हमीरपुर में 38,500 गोवंश गोशालाओं में संरक्षित हैं। आयुक्त ने पशुओं की देखभाल और गोशालाओं के संचालन के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी नामित करने के भी निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन गोशालाओं का काम शीघ्र पूरा करने को कहा है।