पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव और बांदा जिले के प्रभारी नोडल अधिकारी अनिल कुमार सागर ने अधिकारियों से कहा है कि विकास कार्य सकारात्मक सोच से करें। उन्होंने पांच वर्ष तक के बच्चों के आधारकार्ड की फीडिंग में ढिलाई पर सख्त नाराजगी जताई। जिला कार्यक्रम अधिकारी को खबरदार किया कि लक्ष्य के अनुरूप फीडिंग कराएं, नहीं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सचिव ने डीआईओएस को माध्यमिक और डिग्री कालेज के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के लिए पंजीयन समय से कराने, स्टांप, सरकारी भूमि पर कब्जे, लोकवाणी, जनवाणी, समाधान दिवस, पेंशन, स्कूली ड्रेस वितरण आदि की भी समीक्षा की। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
उप जिलाधिकारियों से कहा कि पांच वर्ष से अधिक लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र निस्तारण करें। निस्तारण में कोई समस्या हो तो उसे स्पष्ट करें। सीएमओ को निर्देश दिए कि अस्पतालों में दवाएं हर हालत में उपलब्ध रहें। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने सचिव को बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत संभावित 35,580 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 5842 प्रसव हुए हैं। यह लक्ष्य का 16 प्रतिशत है। 988 प्रसूताओं को आशा के जरिए सहायता दी गई है।
सचिव ने बल्लान, सांड़ी, गुढ़ाकलां आदि गांवों की पेयजल योजनाओं में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए इन विभागों के अधिकारियों के बैठक में अनुपस्थित रहने से उनके वेतन रोकने और चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। कहा कि कोई भी जिला स्तरीय अधिकारी बिना डीएम की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। गड्ढामुक्त सड़कों की समीक्षा में सीडीओ को निर्देश दिए कि किस विभाग ने कितनी सड़कें गड्ढामुक्त की हैं उन्हें ब्योरा उपलब्ध कराएं।
15 अगस्त तक प्रत्येक दशा में यूनिफार्म और किताबों का वितरण कराने के निर्देश दिए। मास्टर डेटा तैयार करके उपलब्ध कराने के निर्देश डीआईओएस को दिए। डीएम डीपी गिरि ने अधिकारियों से कहा कि अपने विभागीय योजनाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करें। प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि महिला हेल्पलाइन से महिलाओं की सहायता की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यो की जानकारी दी। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।