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वैक्सीन हुई खत्म, तीन दिन से टीकाकरण ठप

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जिला अस्पताल के नए भवन में वैक्सीनेशन सेंटर पर जड़ा ताला। संवाद - फोटो : BANDA
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बांदा। जिले में कोरोनारोधी वैक्सीन का तीन दिन से टोटा है। स्टोर स्टॉक ‘निल’ बताया गया है। मेडिकल कालेज सहित कई केंद्रों से किशोर-किशोरियां, युवा और बुजुर्ग बिना टीका लगवाए बैरंग लौट रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का कहना है कि तीन दिन से टीम लखनऊ से बैरंग लौट रही है। जिन केंद्रों में वैक्सीन बची थी, वहां टीकाकरण होता रहा।
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कोरोना से बचाव के लिए शासन का किशोर-किशोरियों और इससे अधिक उम्र के लोगों को शत-प्रतिशत टीकाकरण पर जोर है। लेकिन इस मंसूबे पर वैक्सीन की कमी आड़े आ रही है। पूर्व में लगभग 200 केंद्रों में टीकाकरण हो रहा था। इनमें ज्यादातर एएनएम गांवों में टीकाकरण कर रही थीं।
लेकिन पिछले तीन दिन से स्टॉक में कोविशील्ड और कोवॉक्सिन (दोनों प्रकार की) वैक्सीन खत्म हो जाने पर टीकाकरण अभियान मात्र छह केंद्रों पर ही सिमटकर रह गया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, शनिवार को सिर्फ जिला अस्पताल सहित छाबी तालाब, आजाद नगर स्वास्थ्य केंद्र और नरैनी, जसपुरा, अतर्रा सीएचसी तथा महुआ व बिसंडा पीएचसी में ही टीकाकरण हुआ।
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यहां वैक्सीन की कुछ डोज बची थी। मेडिकल कालेज में वैक्सीनेशन पूरी तरह ठप रहा। अब वैक्सीन आने पर ही टीकाकरण हो सकेगा। शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 1,26,203 में से 1,21,172 किशोर-किशोरियों को पहली डोज लग चुकी है।
इससे अधिक उम्र वालों में अब तक 12,96,281 का टीकाकरण हो चुका है। अब तक स्टोर प्रभारी उद्र प्रसाद ने बताया कि स्टॉक में वैक्सीन पूरी तरह निल है। वैक्सीन लेने के लिए टीम लखनऊ रवाना हो गई है। देर रात तक खेप आने की उम्मीद है।
सीएमओ डा.एके श्रीवास्तव ने बताया कि तीन दिन से बिना वैक्सीन स्वास्थ्य कर्मी लखनऊ से लौट रहे हैं। वैक्सीन नहीं मिल पा रही है। कोविशील्ड की 18 हजार और कोवॉक्सिन वैक्सीन की 11 हजार डोज की मांग की गई है।
फिलहाल क्रमश: 10 हजार व 5 हजार डोज आवंटित होना बताया गया है। स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीन लेने के लिए रवाना हो गए हैं। जिन केंद्रों में वैक्सीन बची थी, वहां टीकाकरण होता रहा। अब नई खेप आने पर ही वैक्सीनेशन हो सकेगा।
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