Urs Niazia starts, concluding today with Dua
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बांदा। 41वां दो दिवसीय उर्स नियाजिया गुरुवार से शुरू हो गया। शहर के छावनी स्थित मजार पर बड़ी संख्या में लोगों ने गुलपोशी (पुष्पांजलि) की। सुबह कुरानख्वानी और फातिहा से शुरुआत हुई। दोपहर बाद मजार पर गुस्ल के बाद चादरपोशी की गई। महफिले समा में स्थानीय व बाहरी कव्वाल पार्टियों ने नातिया और खानकाही कलाम पेश किए। देर रात तक यह महफिल चली।
शाह मोहम्मद अब्दुल हमीद नियाजी दरगाह के सज्जादानशीं हाजी डॉ. अब्दुल हफीज न्याजी (गुलाम साबिर) की याद में उर्स की रस्में पूरी की जा रही हैं। मजार को फूलों से सजाया गया है।
शुक्रवार को जोहर की नमाज के बाद महफिले समा में कव्वालियां होंगी। तीसरे पहर दिन ढलने से पहले कुल शरीफ और लंगर होगा। इसी के बाद महफिले समा होगी। यह रात 10 बजे तक चलेगी।
दुआ के साथ दो दिवसीय उर्स का समापन होगा। कोरोना से मुल्क को निजात दिए जाने की भी दुआ होगी। उर्स में डॉ. शोएब नियाजी, शारिक न्याजी, अब्दुल हादी न्याजी, खालिद न्याजी, सादिक न्याजी, फैज न्याजी, शाहिद निजामी, अब्दुल अजीज न्याजी, हाजी इकबाल और सभासद लल्लू खां भी उपस्थित रहे।