बांदा। भीषण गर्मी में कई दिनों से झुलस रहे लोगों को बारिश ने राहत दी। जिले में लगभग 35 मिनट तक तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कुछ देर के लिए आई भीषण आंधी ने सब कुछ अस्त-व्यस्त कर दिया। जगह-जगह पेड़, बिजली के खंभे और लाइनें टूटने से पूरे चित्रकूटधाम मंडल में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। देर रात तक यह बहाल नहीं हो पाई।
सुबह से ही लू के थपेड़े और तेज धूप लोगों को पसीने में तर-बतर किए थे। दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और बादलों ने दस्तक दी। दो बजे के बाद पश्चिम की ओर से आए बादलों और तेज हवाओं के बीच बारिश शुरू हो गई। बारिश लगभग 35 मिनट हुई।
कुछ देर थमने के बाद बारिश के दो संक्षिप्त दौर और चले। आंधी में जमालपुर रोड (बांदा) में बिजली का खंभा गिर गया। अतर्रा रोड और कनवारा रोड पर पेड़ गिरने से एचटी और एलटी लाइनें धराशाई हो गईं। भूरागढ़ फीडर ठप हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में पेड़ों के गिरने और बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने की खबर मिली है।
ध्वस्त लाइनों और खंभों की मरम्मत का काम तत्काल शुरू कर दिया गया, लेकिन देर रात तक शहर में बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई। मकानों और दुकानों के टीनशेड, साइन बोर्ड इत्यादि तथा झुग्गी-झोपड़ी आदि वालों को लाखों की चपत लगी।
गर्मी की ‘आह’ बारिश से ‘वाह’ में बदली
बांदा। आंधी और बारिश ने भले ही बिजली और पानी की आपूर्ति ध्वस्त करने के साथ लाखों की संपत्ति का नुकसान किया, साथ ही कई दिनों से प्रचंड गर्मी में झुलस रहे लोगों को राहत भी दी। गर्मी से हर मुंह से निकल रही ‘आह’ मौसम सुहावना होने के बाद ‘वाह’ में बदल गई।
तापमान 48 से 42 डिग्री पर आ गया। केंद्रीय जल आयोग के मौसम सुपरवाइजर सुरेश कुमार ने बताया कि जिले में कुछ इलाकों पर ही तेज बारिश व तूफान का असर रहा है। औसतन यहां 2.4 मिलीमीटर रिकार्ड की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को भी बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ छीटे पड़ सकते हैं।
आज शहर में जलापूर्ति प्रभावित
बांदा। आंधी-बिजली का असर बांदा शहर में मंगलवार को दूसरे दिन भी रहेगा। देर रात तक बिजली तो बहाल हो जाएगी, लेकिन जलापूर्ति दूसरे दिन भी बाधित रहेगी। जल संस्थान अधिशासी अभियंता सुरेशचंद्र और सहायक अभियंता आरएल मौर्य ने बताया कि चिल्ला रोड पर ट्यूबवेल संख्या-2 के पास बिजली का खंभा गिर गया है।
अतर्रा और कनवारा रोड तथा भूरागढ़ पंपिंग प्लांटों की 11 केवीए फीडर की लाइनों पर पेड़ गिर गए हैं। इसके चलते बिजली आपूर्ति न मिल पाने से मंगलवार (24 मई) को शहर में जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।
आम की फसलों को जबर्दस्त नुकसान
बांदा। जिले में आम की फसलों को जबर्दस्त नुकसान पहुंचा है। उद्यान उप निदेशक मनोहर सिंह ने बताया कि पखवारे भर पहले आई आंधी में करीब 20 फीसदी आम की फसल गिर गई थी। अब चक्रवाती तूफान ने 60 से 80 फीसदी आमों को नुकसान पहुंचाया है। आम की बेल्ट खासकर तिंदवारी और अतर्रा क्षेत्र में हैं। तिंदवारी क्षेत्र में आंधी का असर ज्यादा रहा है।