राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में जानकारी देते डॉ. हरदयाल।
बांदा। छुआछूत और आत्महत्या का विचार आना मानसिक रोग के लक्षण हैं। ऐसे विचार आने पर मरीज को डाक्टर से तुरंत मिलना चाहिए। यह जानकारी मनोरोग चिकित्सक डॉ. हरदयाल ने भवानी पुरवा में मानसिक रोग जागरूकता शिविर में दी।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शनिवार को आंगनबाड़ी केंद्र, भवानी पुरवा में लगे मानसिक रोग जागरूकता शिविर में मनोरोग विभाग की टीम ने महिलाओं और बच्चों को रोगों की जानकारी और निपटने उपाय बताए।
इसके लिए व्यायाम पर भी जोर दिया। साइकोलाजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने कहा कि नकारात्मक सोच, डर, हीनभावना, नींद न आना, शक करना, दौरे आना, जिद, अत्यधिक सफाई आदि मानसिक रोगों के लक्षण हैं। मानीटरिंग आफीसर नरेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा मानसिक रोग का इलाज संभव है।
लक्षण होने पर तुरंत डाक्टर से मिलें। साइकेट्रिक सोशल वर्कर नंदिनी कुरील ने बच्चों में होने वाले मानसिक रोगों की जानकारी दी। क्लीनिकल नर्स त्रिभुवन नाथ, स्टाफ नर्स कीर्ति प्रभा पाल ने भी जानकारियां दीं। ग्राम प्रधान गुलाब सिंह यादव, आंगनबाड़ी कार्यकत्री शशि कुमारी व उमा देवी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।