फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banda News: डीएम की बेटी के पेट में उठा दर्द तो खुला अल्ट्रासाउंड कक्ष

विज्ञापन
बेटी का हाथ पकड़कर अल्ट्रासाउंड कक्ष से निकलतीं डीएम जे.रीभा। - फोटो : वीडियोग्रैब
विज्ञापन
बांदा। जिलाधिकारी की बेटी के पेट में दर्द उठा तो सीएमएस इलाज के लिए तुरंत जुट गए। पिछले 10 दिनों से जिला अस्पताल में बंद चल रही अल्ट्रासाउंड सेवा जिलाधिकारी की बेटी के लिए खोली गई। रेडियोलॉजिस्ट व प्रभारी सीएमएस डॉ. किशुन कुमार ने जिलाधिकारी की बेटी की तबीयत खराब होने पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता की सलाह पर गुरुवार को सुबह अल्ट्रासाउंड किया। इसके बाद अल्ट्रासाउंड कक्ष में पुन: ताला लगा दिया गया।
विज्ञापन

जिलाधिकारी जे.रीभा की बेटी को गुरुवार को सुबह पेट दर्द की शिकायत हुई। जिलाधिकारी बेटी को लेकर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता की ओपीडी में पहुंची। वहां बेटी को दिखाने के बाद डॉ. आरके गुप्ता ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। इस पर जिलाधिकारी बेटी को साथ लेकर पैथोलॉजी में बने अल्ट्रासाउंड कक्ष पर पहुंची। यहां सीएमएस प्रभारी रेडियोलॉजिस्ट डॉ. किशुन कुमार ने अल्ट्रासाउंड का ताला खोलकर जिलाधिकारी की बेटी का अल्ट्रासाउंड किया।
इस दौरान तमाम महिलाएं जो अल्ट्रासाउंड कराने आईं थीं, वह कक्ष की ओर लपकी लेकिन सीएमएस ने फिर से अल्ट्रासाउंड में ताला लगा दिया। इसको लेकर मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों का कहना था कि जिलाधिकारी की बेटी के लिए अल्ट्रासाउंड कक्ष खोला गया, जबकि प्रतिदिन 70 मरीज लौट रहे हैं उसका क्या होगा।
विज्ञापन

वर्जन
फोटो- 24 डॉ. किशुन कुमार प्रभारी सीएमएस। संवाद



जिलाधिकारी की बेटी को पेट दर्द की शिकायत थी, बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह पर अल्ट्रासाउंड किया गया है। चूंकि उनके सीएमएस के पद पर बैठने के बाद से अल्ट्रासाउंड सेवा बंद हो गई थी, इसके लिए शासन और उच्चाधिकारियों को रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए पत्र लिखा गया है।
-डॉ. किशुन कुमार , प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल, बांदा
साइड स्टोरी

जिला अस्पताल में प्रतिदिन होते थे 70 से 80 अल्ट्रासाउंड
-पिछले 10 दिनों से सेवा बंद होने के चलते मरीजों में पड़ रहा अतिरिक्त बोझ
-जिलाधिकारी की बेटी के लिए अल्ट्रासाउंड खुलने से मरीजों में रहा आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। जिला अस्पताल में वर्तमान में एक ही रेडियोलाॅजिस्ट डॉ. किशुन कुमार तैनात हैं। 30 जून को डॉ. किशुन कुमार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बांदा जिला अस्पताल में सीएमएस का पदभार दिया गया है। सीएमएस पद पर बैठने के बाद डॉ. किशुन कुमार ने अल्ट्रासाउंड करना बंद कर दिया है। यह सेवा पिछले 10 दिनों से ठप पड़ी है।

जिला अस्पताल में 30 जून से पहले प्रतिदिन तकरीबन 70 से 80 लोगों के अल्ट्रासांउड किए जाते थे। वर्तमान में यह सेवा जिला अस्पताल में ठप पड़ी है। पैथोलॉजी विभाग में खुले अल्ट्रासाउंड कक्ष में पिछले 10 दिनों से ताला पड़ा है। प्रतिदिन 70 से 80 मरीज बिना अल्ट्रासाउंड कराए लौटने में मजबूर है। एक अल्ट्रासाउंड कराने में प्राइवेट में तकरीबन 500 से 1000 रुपये का खर्च आता है। बड़ोखर बुजुर्ग के हीरालाल त्रिपाठी ने बताया कि जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड उन्हें 750 रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। निजी केंद्रों पर लूट मची है। आम मरीजों इसको लेकर भटक रहे जबकि जिलाधिकारी की बेटी का आसानी से अल्ट्रासाउंड हो गया। इस संबंध में सीएमएस पद पर बैठे रेडियोलॉजिस्ट डॉ. किशुन कुमार का कहना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए वह अल्ट्रासाउंड नहीं कर पाएंगे। इसके लिए उन्होंने नए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को लिखी पढ़ी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें