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Banda News: डायरिया से मासूम की मौत, 15 लोग भर्ती

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बांदा। बारिश और उमस भरी गर्मी में डायरिया और बुखार जोर पकड़े है। डायरिया के चलते तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई। डायरिया से पीड़ित 15 मरीजों को भर्ती कराया गया है। वर्तमान में बच्चों में डायरिया का प्रभाव अधिक है।
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मटौंध थाना क्षेत्र के भूरागढ़ गांव निवासी श्यामू ने बताया कि उसने तीन वर्षीय पुत्र विकास को डायरिया से पीड़ित होने पर बुधवार की शाम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। गुरुवार को सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उधर, डायरिया से खाईंपार निवासी जारा (32), रहुनियां मोहल्ला निवासी गौरी (7), मसुरी गांव निवासी अरविंद (13), इंदिरानगर मोहल्ला निवासी संदीप (6), मौदहा के न्यूरिया गांव निवासी नैंसी (8), करहिया गांव निवासी अयांश (3), मवई गांव निवासी मानवी (3), अतर्रा निवासी पूजा (23), सादीमदनपुर गांव निवासी अब्दुल गनी (95), किरन कालेज मोहल्ला निवासी रजंना (35), शांति नगर निवासी राधा (35), इचौली निवासी अंजलि (10), कंचनपुरवा निवासी सुमन (37), गायत्रीनगर निवासी अनिल (35), कनवारा गांव निवासी विश्वप्रताप (21) को भर्ती कराया गया है। बारिश के मौसम में प्रतिदिन डायरिया से ग्रसित 30 से 35 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। ओपीडी में प्रतिदिन 1200 से 1400 मरीजों में 500 से 600 मरीज बुखार और डायरिया से ग्रसित होकर आ रहे हैं।
तीन से चार बार लूज मोशन आए तो डॉक्टर को दिखाएं
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता ने कहना है कि उनकी ओपीडी में इन दिनों बच्चों में डायरिया की शिकायत ज्यादा आ रही है। डॉक्टर का कहना है कि अगर तीन से चार बार लूज मोशन हो रहे हैं तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। घर में बच्चे को ओआरएस का घोल पिला सकते हैं। डायरिया से शरीर में नमक और पानी घट जाता है, जिससे यह रोग जानलेवा हो सकता है। डायरिया होने का मुख्य कारण साफ सफाई व स्वच्छ पेयजल का अभाव है। बासी खाना, बाहर का खाना, बिना धुले फल व कच्ची सब्जियों से बचना चाहिए। बच्चे को मल धोने के बाद, खाना बनाने से पहले और बाद में साबुन और पानी से हाथ धोएं। साथ ही बच्चे को रोटा वायरस का टीका जरूर लगवाएं।
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