अतर्रा (बांदा)। बिसंडा थाना क्षेत्र के हस्तम गांव में रिश्ते की दो बहनों की गड़रा नदी में नहाते समय डूबने से मौत हो गई। मृतका की छोटी बहन की सूचना पर परिजन पहुंचे और दोनों की तलाश की। दोनों को नदी से निकालने के बाद अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दोनों बहनें मवेशियों को नदी में नहलाने गए बाबा के पीछे घर से बिना बताए गई थीं।
बिसंडा थाना क्षेत्र के गांव हस्तम निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि उसकी पुत्री राधिका (9) व राधिका की ममेरी बहन नरैनी कोतवाली क्षेत्र के गांव दिवली निवासी अंशिका (10) सोमवार को सुबह घर पर थीं। सुबह करीब 10 बजे बाबा बाबूलाल घर से 200 मीटर की दूरी पर स्थित गड़रा नदी में मवेशियों को नहलाने ले जा रहे थे। दोनों ने उन्हें जाते देखा तो वह बिना बताए ही उनके पीछे-पीछे चलीं गईं। इसी बीच राधिका की छोटी बहन लक्ष्मी भी वहां आ गई।
मवेशी नहलाने के दौरान एक मवेशी के भाग जाने के कारण बाबा बाबूलाल उसे पकड़ने के लिए गए। तभी दोनों बहनें नदी में उतर गईं और नहाने लगीं। नहाने के दौरान वह गहराई में चलीं गईं और डूबने लगीं। लक्ष्मी ने उन्हें पानी में डूबता देखा तो परिजन को बताया। परिजन ने तलाश किया और 20 मिनट के बाद दोनों को बाहर निकालकर अतर्रा सीएचसी ले गए। यहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
बिसंडा थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि गड़रा नदी में नहाने के दौरान गहराई में जाने से डूबकर दोनों बच्चियों की मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
मां के निधन के साल भर बाद ही बेटी का निधन
अतर्रा। गांव दिवली के शिवशंकर ने सीएचसी अतर्रा में बताया कि अंशिका की मां सपना की बीमारी के चलते एक साल पहले मौत हो चुकी है। अभी उससे उबरे नहीं थे कि अब पुत्री की मौत से उन्हें अंदर से तोड़ दिया है। यह कहकर वह फफक पड़े। बताया कि अंशिका तीन बहनों व दो भाइयों में तीसरे नंबर की थी। गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन में पढ़ती थी। बीते बृहस्पतिवार को वह बुआ मोहनिया के पास गांव हस्तम आई थी। हस्तम के श्रवण कुमार ने बताया कि राधिका तीन बहनों और दो भाइयों में दूसरे नंबर की थी।
पुल निर्माण में नदी से निकाली गई थी मिट्टी, हो गई थी गहराई
अतर्रा। हस्तम गांव से निकली गड़रा नदी के ऊपर पीडब्ल्यूडी पुल निर्माण करा रहा है। पुल का रैंप बनाने व अन्य जरूरत के लिए ठेकेदार ने नदी से मिट्टी निकलवाई थी। मिट्टी निकालने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। स्थानीय हरिओम शर्मा का आरोप है कि कहने के बावजूद गड्ढों को नहीं भराया गया। इन्हीं गड्ढों से पानी निकालकर निर्माण के लिए उपयोग किया जाता रहा है। बारिश होने से पानी भी भर गया है। अगर जिम्मेदार बारिश से पहले ही उन गड्ढों को भरा देते तो शायद दोनों बहनों की जान बच जाती।
मृतका राधिका। फाइल फोटो।
मृतका राधिका। फाइल फोटो।