आजाद नगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज का उपचार करते डॉक्टर। संवाद
बांदा। मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में रविवार को जिले के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। कहीं मरीजों को उनकी बीमारी की दवा नहीं मिली तो कहीं बीपी मशीनें महीनों से खराब होने से मरीजों को बिना जांच ही लौटना पड़ा। कई केंद्रों पर डॉक्टरों की अनुपस्थिति में पूरी व्यवस्था फार्मासिस्ट के भरोसे चलती मिली।
आजाद नगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर 2:20 बजे पहुंचे मरीज को पहले पर्चा काउंटर पर यह कहकर टोक दिया गया कि अस्पताल दो बजे तक ही चलता है। इसके बाद ओपीडी पर्चा बनाने और आभा आईडी तैयार कराने में करीब पांच मिनट लगे। डॉक्टर के पास पहुंचने पर मरीज की जानकारी दोबारा रजिस्टर में दर्ज की गई। पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर तक पहुंचने में 10 मिनट का समय लग गया।
मरीज ने डॉ. वीरेंद्र कृष्ण को बताया कि दो दिन से नींद नहीं आ रही, लेकिन उसे इस समस्या की दवा उपलब्ध नहीं कराई गई। चिकित्सक ने दर्द निवारक, कैल्शियम और बी-कॉम्प्लेक्स की दवा देकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया और बताया कि संबंधित दवा केंद्र पर उपलब्ध नहीं है। तिंदवारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित मेले में 32 मरीज पहुंचे। अतर्रा के संजय नगर स्थित नगरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दोपहर ढाई बजे डॉक्टर के स्थान पर फार्मासिस्ट विनोद कुशवाहा मरीजों का इलाज करते मिले।
उन्होंने बताया कि पिछले चार माह से बीपी मापने की दोनों मशीनें खराब हैं, जिससे उच्च रक्तचाप के मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।
आरोग्य मेले में मरीजों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। कहीं कोई दिक्कत है तो उसका समाधान कराया जाएगा।
-डॉ. विजेंद्र कुमार, सीएमओ
आजाद नगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज का उपचार करते डॉक्टर। संवाद