डेंगू के मरीज को देखने पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत
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बांदा। शहर से मात्र 11 किलोमीटर दूर जौरही पीएचसी अंतर्गत जमालपुर गांव में फैले डेंगू से एक की मौत और कई मरीजों को कानपुर रिफर करने के बाद अभी गांव को रोग से निजात नहीं मिली है। दो और नए मरीज जिला अस्पताल लाए गए। उन्हें कानपुर रिफर कर दिया गया। एक अन्य बुखार से पीड़ित युवक की मौत हो गई। जमालपुर गांव में चार दिन पूर्व एक ही परिवार के पांच सदस्य डेंगू की गिरफ्त में आ गए थे। दो और ग्रामीणों को भी डेंगू के डंक ने बीमार कर दिया। इन सभी सात मरीजों को जिला अस्पताल से कानपुर भेज दिया गया था।
वहां बालिका की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसी के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी और गांव में टीम भेजी गई। वहां 140 लोगों के खून के नमूने लेकर स्लाइड बनाई गई। दवा का छिड़काव कराने का दावा किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि वहां डेंगू पर नियंत्रण पा लिया गया है। मंगलवार को सुबह प्रमोद (26) पुत्र शिवगोपाल को डेंगू की आशंका पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी तरह सतीश दीक्षित (38) पुत्र रामकृपाल को सोमवार की रात अस्पताल लाया गया। हालत में सुधार न होने पर डाक्टरों ने दोनों को कानपुर रिफर कर दिया। उधर, तेज बुखार होने पर तिंदवारी कसबे के अभिषेक (23) पुत्र मइयादीन को सोमवार को सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात उसने दम तोड़ दिया। ईएमओ डा. विनीत सचान ने बताया कि कई दिनों से बुखार आने और समय पर सही इलाज न होने पर उसकी मौत हुई।