कोर्ट के बाहर आपस में मंथन करती सीबीआई टीम।
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बांदा। सीबीआई की अर्जी पर सिंचाई विभाग के जेई (निलंबित) रामभवन के यौन उत्पीड़न के शिकार बच्चों के बयान दर्ज करने के लिए दो और अदालतों को नामित किया गया है। उधर, पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज कराने का सिलसिला जारी है। बुधवार को सीबीआई ने सात और किशोर उम्र बालकों को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अनुजा सिंह की अदालत में पेश किया। यहां इन बालकों के धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज किए गए।
दोपहर बाद सीबीआई टीम अदालत पहुंची। टीम के अगुवा सीबीआई सीओ/विवेचक अमित कुमार और निरीक्षक प्रदीप त्रिपाठी बच्चों को वाहन से लेकर अदालत आए। उधर, एक ही अदालत में बच्चों के बयान दर्ज होने से आ रही दिक्कतों के मद्देनजर सीबीआई के सीओ ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को अर्जी दी। इसमें अनुरोध किया कि बयान के लिए पेश किए जाने वाले बच्चों की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए अन्य अदालतों को भी बयान दर्ज करने के लिए अधिकृत/नामित किया जाए।
सीजेएम ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम और सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत को भी बच्चों के बयान लेने के लिए नामित कर दिया। अब इन अदालतों में भी बच्चों के बयान लिए जाएंगे। गौरतलब है कि सीबीआई यहां अब तक लगभग 20 बच्चों को अदालत में पेश कर चुकी है। अभी यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।