नरैनी। कस्बे के बांदा मार्ग पर पेट्रोल पंप से नहर पुल तक करीब 200 बीघे कृषि भूमि में जल निकासी की व्यवस्था न होने से धान की फसल करीब 15 दिनों से पानी में डूबी है। खेतों में लगातार पानी भरा रहने से फसल सड़ने लगी है। किसानों ने इस बार पूरी फसल नष्ट होने की आशंका जताई है।
किसानों के मुताबिक पहले भी क्षेत्र में जलभराव की समस्या होती थी, लेकिन पानी कुछ समय बाद निकल जाने से फसल बच जाती थी। इस बार लंबे समय से पानी भरा होने के कारण खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। किसानों का आरोप है कि बांदा मार्ग चौड़ीकरण के दौरान पीडब्ल्यूडी ने सड़क किनारे बना नाला तोड़ दिया था। बचा हुआ नाला भी सड़क किनारे रहने वाले लोगों ने अपनी जमीन समतल कराने के लिए समाप्त कर दिया। इससे बारिश और खेतों का पानी निकलने का रास्ता बंद हो गया।
किसान नत्थू, रामपाल, ओमप्रकाश, कल्लू और रामआसरे ने बताया कि जल निकासी न होने से धान की फसल खराब हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था कराने, फसल क्षति का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।