बांदा। पुलिस लाइन तिराहे से क्योटरा तिराहे तक जेल रोड पर बुधवार को भी अतिक्रमण हटाया गया। एडीएम व सीओ की उपस्थिति में पोकलैंड मशीन से दो व तीन मंजिला कई मकान ढहाए गए। इसके अलावा करीब आठ दिन से लोग दिन-रात हथौड़े और छेनी से खुद ही अतिक्रमण तोड़ रहे हैं।
पुलिस लाइन तिराहा से क्योटरा पेट्रोलपंप तक पीडब्ल्यूडी ने दो माह पहले छह करोड़ रुपये खर्च कर सड़क का चौड़ीकरण कराया है। अब सड़क पर लगे पोल को किनारे शिफ्ट किया जाना है। सड़क के दोनों तरफ लोगों ने दो या तीन मंजिला मकान बना लिए गए हैं। करीब दो माह से अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की ओर से चेतावनी दी जा रही है। इसके बावजूद अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों से लोगों का मोह नहीं जा रहा है। बुधवार को सुबह सात बजे से एडीएम राजेश कुमार टीम व पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। स्वराज काॅलोनी गली तीन से अतिक्रमण हटवाने का अभियान शुरू किया। पोकलैंड के जरिए कई तिमंजिला और दो मंजिला मकान ध्वस्त कर दिए गए। मकानों के अंदर घुसे लोगों को अधिकारी बाहर हटने की चेतावनी देते रहे, पर कई लोग निकलने को तैयार नहीं हुए। उन्हें जबरन निकालकर पोकलैंड चलाई गई। इस बीच दोनों तरफ से सड़क सील कर दी गई थी। सुबह सात बजे शुरू हुआ अभियान दोपहर बाद तक चलता रहा।
बिजली गुल, गर्मी में बेहाल रहे लोग
अतिक्रमण हटवाने के लिए प्रशासन ने सिविल लाइन और स्वराज कालोनी, जेल रोड आदि की बिजली कटवा दी। भीषण गर्मी में लोग घरों में घुसे रहे। इस इलाके की पूरे दिन बिजली नहीं आई। उधर, पोकलैंड से मकान ध्वस्त करते समय बिजली के दो पोल भी उखड़ गए। बिजली विभाग जब पोल बदलेगा तब कहीं यहां की आपूर्ति शुरू हो सकेगी।
हर तरफ नजर आया मलबा ही मलबा
जेल रोड में पुलिस लाइन तिराहा से क्योटरा पेट्रोलपंप तक दो किलोमीटर दायरे में मलबा ही मलबा नजर आया। लोग खुद से मकान तोड़ रहे हैं और मलबा सड़क पर गिरा रहे हैं। इस मार्ग पर घन, हथौड़े और छेनियों की गूंज सुनाई दे रही है।
वर्जन-
-अतिक्रमण हटाने के लिए लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही है। इसके बावजूद कई लोगों ने अतिक्रमण खुद नहीं हटवाया। अब प्रशासन को मजबूरी में पोकलैंड व जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटवाना पड़ रहा है। इसका जो भी हर्जा-खर्चा होगा, अतिक्रमणकारियों को ही भुगतना पड़ेगा।-राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी, बांदा