बांदा। डेंगू ग्रस्त नलकूप चालक की उपचार
के दौरान मौत हो गई। इसके पूर्व माध्यमिक विद्यालय के अनुदेशक की भी डेंगू
से मौत हो गई थी। एक पखवारे के अंदर डेंगू से मृतकों की संख्या चार हो गई।
तिंदवारी
थाना क्षेत्र के बेंदा गांव के मजरा भैरम पुरवा निवासी राजकीय नलकूप चालक
रामबहादुर (48) पुत्र बदन सिंह को 6 अक्तूबर को बुखार आने पर जिला अस्पताल
में भर्ती कराया गया। जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर अगले दिन उसे
कानपुर रेफर कर दिया गया था।
वहां इलाज के दौरान सोमवार को दोपहर
उसकी मौत हो गई। डेंगू से ग्रसित उसके दोनों पुत्र दीपक (18) और नीरज (12)
का भी हैलट अस्पताल में इलाज चल रहा है। ग्राम प्रधान विवेक सिंह ने बताया
कि मंगलवार को अंतिम संस्कार यमुना घाट में किया जाएगा। बेंदा गांव के ही
डेंगू ग्रस्त सज्जन सिंह पुत्र मार्तंड प्रताप सिंह की हालत ठीक होने पर वह
सोमवार को वापस गांव आ गया।
रविवार को बेंदा गांव में स्वास्थ्य
विभाग ने कैंप लगाकर पांच मरीजों को डेंगू के लक्षण बताए थे। उनका पीएचसी
में उपचार किया जा रहा है। दो दिन पहले बदौसा कसबा निवासी डेंगू ग्रस्त
अर्चना (16) पुत्री रामकरन की कानपुर के हैलट अस्पताल में उपचार के दौरान
मौत हो गई थी।
डेंगू की पुष्टि होने पर उसे जिला अस्पताल से कानपुर
भेजा गया था। इसके पहले कमासिन क्षेत्र के मुसीवां गांव निवासी शिवाकांत
और ओरन निवासी आनंद कुमार द्विवेदी (26) की भी डेंगू से मौत हो चुकी है।