बांदा/नरैनी। खुद को कमरे में बंद कर मिट्टी का तेल डालकर किसान ने आग लगाकर जान दे दी। परिजन आत्महत्या की वजह ओला-बारिश से बर्बाद हुई फसल की चिंता और तनाव बता रहे हैं। दूसरी तरफ पुलिस पत्नी से हुए विवाद की दलील दे रही है। एसडीएम घटना से अनभिज्ञ हैं।
घटना नरैनी कोतवाली क्षेत्र के गुमानगंज गांव की है। बुधवार को सुबह करीब 10 बजे हरगोविंद (60) ने घर के कमरे में खुद को बंदकर अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। परिजनों ने मशक्कत के बाद दरवाजा खोला। जल रहे किसान की आग बुझाई और एंबुलेंस से नरैनी सीएचसी लाए, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। डाक्टर ने मौत की पुष्टि कर दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
पोस्टमार्टम हाउस में भतीजे आदर्श चतुर्वेदी ने बताया कि हरगोविंद के नाम करीब 25 बीघा जमीन है। लगभग एक लाख रुपये लोगों से ले रखा था। बताया कि हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि से खेत में गेहूं-चना की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। हरगोविंद इसी को लेकर चिंतित और तनावग्रस्त थे।
भतीजे ने कहा कि इसी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। उधर, एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि यह घटना उनकी जानकारी में नहीं है। तहसील कर्मी को भेजकर जानकारी और जांच कराई जाएगी। उधर, नरैनी कोतवाली इंस्पेक्टर गिरेंद्र सिंह का कहना है कि पत्नी से विवाद होने के बाद किसान ने जान दी।