नरैनी। लॉकडाउन के पहले दिन कस्बा सूना रहा। इक्का-दुक्का लोग नजर आए। उन्हें भी पुलिस और प्रशासन रोकता टोकता रहा। एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव और पुलिस उपाधीक्षक रोहित यादव ने फोर्स के साथ भ्रमण किया। एसडीएम ने पुलिस जीप के माइक से लोगों को लॉकडाउन नियमों का पालन करने को कहा। नगर पंचायत ने भी रात में माइक से सूचना प्रसारित कराई। सुबह अखबारों के हॉकर और सब्जी लेने वाले लोग नजर आए।
दस बजे के बाद पूरी तरह सन्नाटा छा गया। उधर, गांवों में आम दिनों जैसा ही नजारा रहा। किसान अपने खेतों में रहे और अन्ना जानवर आदि से रखवाली करते रहे। उधर, ईओ अमर बहादुर सिंह ने बताया कि कस्बे की नालियों को सैनिटाइज करने और मच्छर खत्म करने के लिए संविदा कर्मचारियों को दवा छिड़काव में लगाया गया है। इन सभी कर्मियों को मास्क और दस्ताने दिए गए हैं।
खप्टिहा कलां में लॉकडाउन में हिंदू-मुस्लिम सब एक हैं। दोनों ही इसका पालन कर रहे हैं। पहले ही दिन यह बानगी यहां नजर आई। नवरात्र के पहले दिन हर वर्ष क्षेत्र के सिद्धपीठ पाथादाई, गढ़ीदाई, रामजानकी मंदिर, खेरापति मंदिर आदि में सन्नाटा रहा। मंदिरों के द्वार बंद रहे। श्रद्धालु महिला पुरुषों ने घरों पर ही पूजा अर्चना की।
इसी तरह मुस्लिम वर्ग ने भी घरों में नमाज और इबादत की। कस्बे की मस्जिद बंद रही। एसडीएम पैलानी रामकुमार सहित तहसीलदार राजीव निगम आदि ने भ्रमण किया। लोगों से लॉकडाउन नियमों का पालन करने और कोरोना से सुरक्षित रहने की अपील की। उधर, महानगरों से लौटने वालों पर भी नजर रखी जा रही हैं। इसके लिए मुनादी भी पिटवाई गई है। संवाद