बांदा। निजीकरण के विरोध और कई मांगों और मुद्दों पर बुधवार को देशव्यापी बैंकों की हड़ताल का बांदा में भी व्यापक असर रहा। लगभग एक अरब रुपये का लेनदेन ठप रहा। इससे कई गुना ज्यादा की क्लीयरिंग नहीं हुई
देश के 10 विभिन्न केंद्रीय श्रम सगठनों सहित बैंक व बीमा कम्पनियों के कर्मचारियों ने हड़ताल में भागीदारी की। सरकार की जन विरोधी आर्थिक नीतियों व श्रम कानूनों में बदलाव की मंशा के विरोध में यह हड़ताल की गई। बैंकों के निजीकरण प्रयासों पर तत्काल रोक, सरकारी और सार्वजानिक विभागों में स्थायी पदों में पर्याप्त भर्ती , सरकारी और सार्वजनिक विभागों में स्थायी पदों में आउटसोर्सिंग और अनुबंध नौकरियों पर रोक, पुरानी पेंशन बहाली आदि मांगो के समर्थन में आल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन, बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन सभी सेन्ट्रल ट्रेड यूनियन्स आदि शामिल रहे।
हड़ताल पर न रहने वालों का भी समर्थन
बैंक संगठनों के प्रतिनिधियों के मुताबिक कुछ संगठनों के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल में शामिल न रहते हुए भी हड़ताली कर्मियों के समर्थन में रहे। बांदा शहर में बैंक कर्मियों के प्रदर्शन का नेतृत्व यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के जिला मंत्री रावेन्द्र कुमार शुक्ला ने किया। नरेंद्र कश्यप, कुलदीप यादव, आसिफ नजमी, अरुण अम्बेडकर, नीरज तिवारी, नवल, दीपक गुप्ता, मोहित गुप्ता, जितेन्द्र सागर, पराग वर्मा, राकेश गुप्ता, शिवानी गुप्ता और एक्टू संयोजक रामप्रवेश यादव, अरुण कुमार, बबलू अग्निहोत्री भी शामिल रहे।