बांदा। कोरोना संक्रमणकाल में महानगरों से आने वाली ट्रेनों में अधिकतर प्रवासी मजदूर ही पहुंच रहे हैं। रेलवे की ओर से चलाई गईं समर स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों का लौटना बदस्तूर जारी है। रविवार को दोपहर 12:55 बजे मुंबई से कानपुर होते हुए गोरखपुर जाने वाली छत्रपति टर्मिनल टू गोरखपुर (समर स्पेशल) यहां तकरीबन 50 मिनट तक रुकी रही। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से 45 मिनट पहले ही आ गई थी।
रेलवे स्टेशन बांदा में रविवार को एक भी यात्री नहीं दिखाई दिए। दोपहर के समय यहां समर स्पेशल ट्रेन का स्टापेज हुआ। ट्रेन से एक भी बुंदेली प्रवासी नहीं उतरा। ज्यादातर कानपुर और गोरखपुर की सवारियां (प्रवासी मजदूर) ट्रेन में मौजूद थे। ट्रेन के रुकते ही यात्री पीने के पानी लेने के लिए स्टेशन पर टूट पड़े। स्टेशन परिसर में खुली कैंटीन से उन्होंने खाने-पीने की सामग्री और पानी की बोतलें खरीदीं। रेलवे के डिप्टी एसएस रामप्रकाश यादव ने बताया कि ट्रेन 45 पहले ही प्लेटफार्म में आ गई है। इस ट्रेन के आने का समय एक बजकर 40 मिनट है। यह दोपहर 12:55 बजे ही आ गई। उन्होंने बताया कि इसके अलावा झांसी-प्रयागराज ट्रेन अप एंड डाउन नियमित रूप से चल रही है।
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वीकेंड बंद रहीं मेमू और शटल
बांदा। रेलवे स्टेशन प्रबंधक एसके कुशवाहा ने बताया कि झांसी पैसेंजर (शटल) व कानपुर-मानिकपुर (मेमू) को वीकेंड लॉकडाउन में बंद कर दिया है। रेलवे के निर्णयानुसार इन ट्रेनों का संचालन पूर्व की तरह किया जाएगा।
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फोटो परिचय-3- मोहम्मद अख्तर
होटल व्यवसाय हो रहा ठप, लौटना मजबूरी
गोंडा शहर के रहने वाले मोहम्मद अख्तर ने बताया कि वह मुंबई में होटल में काम करते हैं। संक्रमण से मुंबई में हालात बेकाबू हो रहे हैं। लगातार बढ़ते संक्रमण को देख होटल व्यवसाय भी ठप पड़ गया है। ज्यादातर होटल बंद हो रहे हैं। इससे वह भी अपना जितना सामान जुटा पाए लेकर वापस अपने गांव जा रहे हैं। संक्रमण काबू होने पर दोबारा वहां का रुख करेंगे।
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फोटो परिचय-4- राजू
आसानी से नहीं मिला ट्रेन का टिकट
गोरखपुर के रहने वाले राजू ने बताया कि वह नासिक (महाराष्ट्र) में चक्की में काम करते हैं। महाराष्ट्र में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। चक्की कारोबार भी नहीं चल रहा। उधर, वीकेंड लॉकडाउन भी शुरू हो गया है। मालिक से बात की तो उन्होंने किराये का इंतजाम कर भेजा है। ट्रेन में यात्रा के लिए टिकट की भी मारामारी रही।