बांदा। टोकन सिस्टम ने आधारकार्ड बनाने की चाल बिगाड़ दी है। बैंकों और डाकघरों में रोजाना 20 से 25 आधारकार्ड ही बनने (संशोधन) की सीमा तय कर देने से रोजाना बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की लाइन लग रही है। डीएम के आदेश के बावजूद आधार का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा।
आधारकार्ड बनवाने के लिए इन दिनों मारामारी चल रही है। सब कामकाज छोड़कर छात्र-छात्राएं बैंकों और डाकघरों में सुबह 4 बजे से लाइन में लग जाते हैं। जो पहले पहुंचा वही आधारकार्ड बनवा पाएगा।
आधारकार्ड की धीमी गति से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश और छात्रवृत्ति से वंचित हो रहे हैं। शहर के स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, आर्यावर्त बैंक, एचडीएफसी बैंक और डाकघर में वर्तमान में आधारकार्ड बनाने का काम चल रहा है। इन बैंकों और डाकघर में रोजाना भीड़ उमड़ रही है।
बोले जिम्मेदार
चित्रकूटधाम मंडल में 16 जगह आधारकार्ड बनाने का काम चल रहा है। 30 दिन में साढ़े सात हजार आधारकार्डों में संशोधन किए जा रहे हैं। मशीन की क्षमता के अनुसार टोकन सिस्टम लागू किया है। एक दिन में मशीन 20 से 25 ही आधारकार्ड संशोधन कर पा रही है।
इससे यह व्यवस्था की गई है। मुख्य डाकघर में एक काउंटर की व्यवस्था की गई है। डीएम से पत्र व्यवहार भी किया गया है। छात्र-छात्राओं को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।-शैलेंद्र कुमार डाक अधीक्षक, चित्रकूटधाम मंडल।