फोटो - 26 सजायाफ्ता दंपती रामभवन व दुर्गावती।
बांदा। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सनसनीखेज यौन शोषण मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए दिल्ली निवासी मोहम्मद आकिब पर शिकंजा कसा है। इस मामले में पहले से ही फांसी की सजा पाए दंपती रामभवन व दुर्गावती के साथ दिल्ली निवासी मोहम्मद आकिब तीसरा आरोपी है। सीबीआई के लोक अभियोजक धारा सिंह मीना ने बताया कि इस जटिल मामले में जल्द ही एक महत्वपूर्ण फैसला आएगा।
यह मामला एक गंभीर यौन शोषण से जुड़ा है। जिसमें पीड़ित की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना सीबीआई की प्राथमिकता है। पहले से ही इस मामले में दंपती को फांसी की सजा 20 फरवरी को सुनाई जा चुकी है। अब, सीबीआई की जांच तीसरे आरोपित मोहम्मद आकिब पर केंद्रित है, जो कथित तौर पर इस अपराध में संलिप्त रहा है। वह दिल्ली निवासी है और पेशे से इंजीनियर है। प्रथम दृष्टया जांच में यह पता चला है कि वह इन दोनों को ई-मेल के माध्यम से अश्लील सामग्री लेता और दूसरे देशों में इसे भेजकर रुपये कमाता था। इन सबसे जो लाखों की आमदनी होती थी उसे दो हिस्सों में बांट लिया जाता था। वहीं, जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि देश के विभिन्न शहरों में के कई ग्राहकों वह ई-मेल के ही माध्यम से यह पोर्न वीडियो भेजता था। जिससे अधिक रुपयों की भी आमदनी होती थी। सीबीआई ऐसे लोगों की भी जांच कर रहा है।
सीबीआई के लोक अभियोजक धारा सिंह मीना ने बताया कि जांच एजेंसी ने इस मामले की तह तक जाने के लिए व्यापक रणनीति पर काम कर रही है। सीबीआई ने गूगल जैसी बड़ी कंपनी के प्रतिनिधियों सहित एयरटेल कंपनी व एम्स के डॉक्टरों से चिकित्सीय परीक्षण की रिपोर्ट समेत कुल आठ व्यक्तियों के बयान दर्ज करने का निर्णय लिया है। गूगल के बयान से यह समझने में मदद मिल सकती है कि क्या किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया गया या डिजिटल फुट प्रिंट्स के माध्यम से कोई जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रामभवन नाम के एक अन्य व्यक्ति के साथ आकिब पर भी इस घृणित अपराध में शामिल होने का आरोप है। सीबीआई इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने की दिशा में काम कर रही है। सीबीआई के लोक अभियोजक ने बताया कि मंडल कारागार अधीक्षक को जेल से जेई को न्यायालय में सोमवार को पेश करने के लिए निर्देशित किया गया है।