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Banda News: एक साथ जलीं तीन चिताएं, दो के शव किए दफन

Fri, 29 May 2026 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो - 22 रामेश्वर। फाइल फोटो
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अतर्रा (बांदा)। बिसंडा क्षेत्र में बीते बुधवार में हुए सड़क हादसे में छह लोगों की जान चली गई थी। हादसे से क्षेत्र में शोक है और बकरीद जैसे त्योहार का उल्लास भी मातम में बदल गया। गांव में मातम वाले घरों में चूल्हे नहीं जले।
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बृहस्पतिवार को हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के मृतकों के परिजनों ने अत्यंत दुखी मन से अंतिम क्रियाएं संपन्न कीं। तीनों हिंदू मृतक (रामेश्वर, सोहनलाल, ममता) की चिताएं अगल-बगल जलीं। जिन्हें देखकर सभी गांव वासियों की आंखें नम हो गईं। नौ वर्षीय बालक शाहबाज और युवा नवीन खान को गांव में ही नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शाहबाज की मां शबाना अपने बच्चे के लिए बार-बार बेहोश हो रही थी।
मृतक नवीन खान के पिता ने बताया कि उनका पुत्र सात साल बाद सऊदी से लौटा था और उसके निकाह को कुछ ही माह हुए थे। वहीं, सोहनलाल, ममता और अन्य हिंदू मृतक मेहनत मजदूरी कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करते थे। इस दुर्घटना ने कई परिवारों को तोड़ दिया है। मृतक सोहनलाल के पांच बच्चों में से एक पुत्री सावित्री की 28 जून को शादी होनी थी।
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पिता के असमय चले जाने से उसके सिर से पिता का साया उठ गया है। रिक्शा चालक राकेश के परिवार में तीन पुत्र संजय, सचिन और सतेंद्र हैं, जो अब अपने पिता के सहारे से वंचित हो गए हैं। मृतक ममता के पति मुन्ना ने नम आंखों से अपनी पत्नी को अंतिम विदाई दी, जो बाजार करने रिक्शे से बिसंडा जा रही थी। उनके परिवार में चार बच्चों, दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं।
त्योहारों पर मातम
इस भीषण दुर्घटना ने पूरे गांव में मातम का माहौल पैदा कर दिया है। मुस्लिमों के पर्व बकरीद की नमाज भी बड़ी सादगी के साथ अदा की गई। गांव के लोगों ने बताया कि पांच मौतों से आहत होकर किसी भी घर में चूल्हा नहीं जलाया गया और बकरीद का त्योहार भी नहीं मनाया गया। त्योहारों की खुशियां मातम में बदल गईं।
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नरैनी में भारी वाहनों से जाम, प्रवेश निषेध की मांग
नरैनी। नरैनी के मुख्य चौराहे पर भारी वाहनों की आवाजाही से सुबह से देर शाम तक जाम लगा रहता है। इससे हादसे की आशंका लगातार बढ़ रही है। वहीं हादसे के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी ओरन-बिसंडा मार्ग पर मौरंग से लदा ओवरलोड डंपर सड़क पर दौड़ता दिखाई दिया।
मध्य प्रदेश से आने वाले ओवरलोड बालू ट्रक बेखौफ होकर चौराहे से गुजरते हैं। क्षमता से अधिक बालू होने के कारण ये ट्रक आसानी से मुड़ नहीं पाते, जिससे लंबा जाम लगता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ओवरलोड ट्रकों का संचालन जारी है। इन वाहनों से सड़कें भी समय से पहले खराब हो रही हैं। क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से कस्बे में प्रवेश निषेध लागू करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फोटो - 22 रामेश्वर। फाइल फोटो

फोटो - 22 रामेश्वर। फाइल फोटो

फोटो - 22 रामेश्वर। फाइल फोटो

फोटो - 22 रामेश्वर। फाइल फोटो

फोटो - 22 रामेश्वर। फाइल फोटो

फोटो - 22 रामेश्वर। फाइल फोटो

फोटो - 22 रामेश्वर। फाइल फोटो

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