बांदा। वर्तमान जिला पंचायत बोर्ड में शामिल एक दर्जन से ज्यादा सदस्यों ने इस बार भी अपनी राजनीतिक हैसियत आंकने के लिए चुनाव लड़ा। इनमें ज्यादातर को शिकस्त खानी पड़ी। मात्र तीन ही मौजूदा सदस्यों को दोबारा सदन में बैठने का सौभाग्य मिला है। इनमें दो सपा के और एक बसपा के सदस्य हैं।
वर्ष 2010 के चुनाव में आराधना यादव चुनाव जीती थीं। मौजूदा में वह सदस्य हैं। इस बार पुन: उन्होंने जीत हासिल की है। इसी तरह जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा की पत्नी आशा वर्मा मौजूदा में डीडीसी हैं। इस चुनाव में भी उन्होंने जीत का परचम लहराया है। आराधना और आशा दोनों ही सपा खेमे की हैं।
उधर, मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा भी दोबारा जीते हैं। वह बसपा के हैं। मौजूदा जिला पंचायत बोर्ड के जिन सदस्यों को इस चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है उनमें गीता सागर, गजेंद्र सिंह पटेल के परिवार का सदस्य, सीता सिंह के पति जयराम सिंह, पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद की भाभी फूलारानी, इशरत रईस, लक्ष्मी, महेंद्र पाल वर्मा, शांति देवी आदि शामिल हैं। इसी तरह बेंदा वार्ड से पिछले चुनाव में सपा नेता रामकरन सिंह बच्चन चुनाव हार गए थे। वह दूसरे नंबर पर रहे। अबकी उनकी बहू (भाई की पत्नी) गीता सिंह चुनाव जीत गईं हैं। चिल्ला वार्ड से जीतीं दीपा सिंह गौर तीसरी बार डीडीसी चुनी गईं हैं। पति अशोक सिंह गौर सपा के जिला उपाध्यक्ष और पिपरहरी गांव के प्रधान हैं।