बांदा। जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद यह साफ हो गया है कि जिला पंचायत में अब सपा का दबदबा रहेगा। बसपा का पत्ता साफ होगा। सपा ने 50 फीसदी सदस्यों को अपनी पार्टी से जुड़े होने का दावा किया है। भाजपा और बसपा सदस्यों की संख्या एक दर्जन का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। भाजपा के पांच और बसपा चार सदस्य जीते बताए गए हैं।
वर्ष 2010 में जिला पंचायत का चुनाव हुआ था। तब प्रदेश में बसपा की सरकार थी। नतीजे में लगभग एक दर्जन बसपा सदस्य जीते थे। जिला पंचायत अध्यक्ष भी बसपा का चुना गया था। अविश्वास प्रस्ताव के जरिये बसपा का पत्ता साफ करके अध्यक्ष सीट पर सपा ने कब्जा जमा लिया था लेकिन पिछले वर्ष दिसंबर में पासा फिर पलटा और अविश्वास प्रस्ताव में सपा को अध्यक्ष पद गंवाना पड़ा। बसपा के बल्देव वर्मा जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए। मौजूदा में भी वही अध्यक्ष हैं। अभी भी बसपा जिला पंचायत से अपने 10 सदस्य होने का दावा कर रही है।
जिला पंचायत के मौजूदा नए चुनाव में एक बार फिर सत्ता का साया साफ नजर आया। जिला पंचायत सदस्यों में ज्यादातर सपा के प्रत्याशी जीते हैं। पावर और पैसा दोनों ने ही रंग दिखाया है। इनमें सपा के कई दिग्गज भी शामिल हैं। 30 सदस्यीय जिला पंचायत में सपा अबकी 16 सदस्य जीतने का दावा कर रही है। जिला महासचिव राजेंद्र यादव ने दावा किया है कि मंजू कुरील (वार्ड-दो), रामबाबू निषाद (वार्ड-चार), नीतू सिंह (वार्ड-सात), गीता सिंह (वार्ड-नौ), दीपा सिंह गौर (वार्ड-10), रमा यादव (वार्ड-11), राम कुमार निषाद (वार्ड-12), जितुवा यादव (वार्ड-14), जितेंद्र सिंह (वार्ड-17), आशा वर्मा (वार्ड-26), आराधना यादव (वार्ड-27), प्रीति साहू (वार्ड-16), निर्मला सिंह (वार्ड-29) और पुष्पा दिवाकर (वार्ड-25) सपा के हैं।
उधर, बसपा समर्थित विजयी प्रत्याशियों की संख्या मात्र चार बताई जा रही है। इनमें कैलाशिया वर्मा (वार्ड-15), नीलम त्रिपाठी (वार्ड-19), विनीतिका द्विवेदी (वार्ड-23) और राजेश शिवहरे (वार्ड-30) शामिल हैं। इसी तरह भाजपा समर्थित विजयी प्रत्याशियों की संख्या पांच बताई गई है। इनमें मीना भारती (वार्ड-पांच), सुखदेव वर्मा (वार्ड-आठ), आशा वर्मा (वार्ड-28), अरविंद त्रिपाठी (वार्ड-20) और सुधीर कुशवाहा (वार्ड-तीन) शामिल हैं। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों में राजकुमार यादव (वार्ड-13) विजयी हुए हैं।