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डीआईजी की ड्यौढ़ी में पहुंचे तीन तलाक के मामले

Wed, 05 Apr 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बांदा
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प्रतीकात्मक
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तीन तलाक के मामले को लेकर केंद्र सरकार से लेकर सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाइयां चल रही हैं। वहीं जिले में भी तीन तलाक के मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को दो मुस्लिम युवतियां फरियाद लेकर डीआईजी के पास पहुंची और न्याय की गुहार की।
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खुटला मोहल्ला निवासी राबिया खातून उर्फ नूरी ने डीआईजी को दिए प्रार्थनापत्र में कहा कि उसकी शादी 19 मई 2007 को मुंबई में हसन रजा उर्फ शेख से हुई थी। लेकिन ससुरालीजन दो लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बनाते रहे। इसे लेकर आएदिन प्रताड़ित किया जाता था। पिछले माह बांदा रेलवे स्टेशन में छोड़ गए। फिर फोन से तीन तलाक तीन बार कह दिया। पति मुंबई में मुर्गा चिकन की दुकान किए है। उसके दो बेटे अमीर हसन (6) व अली उमेर (4) हैं। तीनों बेसहारा हैं और पिता की मौत हो चुकी है।

विधवा मां के घर बोझ बने हैं। वहीं हरदौली घाट निवासी आसिया खातून पुत्री मुन्ना खान ने बताया कि उसकी शादी इसी साल दो फरवरी को मवई बुजुर्ग (सर्किट हाउस) के बगल परवेज पुत्र राशिद से हुई थी। वह शादी के बाद ससुराल में चार दिन रही। पहली बार में ही दहेज में कार व रुपये के लिए प्रताड़ित किए जाने लगा। चार दिन पहले पति चित्रकूट ले गया। वहां ट्रेन से धक्का देने की कोशिश की। बाद में छोड़कर भाग गया। फोन से तीन तलाक तीन बार कह दिया। नोटिस भी भेजी है, जिसमें कहा है कि उसने तलाक दे दिया है। अपना सारा शादी में दिया सामान ले जाओ। कोतवाली में तहरीर दी, पर रिपोर्ट नहीं लिखी गई। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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