खाईंपार घनी बस्ती में घर में चल रही शराब दुकान।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नेशनल व स्टेट हाइवे में 500 मीटर दायरे में चल रही शराब की दुकानें बंद कराने की कवायद चल रही है। लेकिन शराब दुकानदारों ने दूसरे स्थान पर निर्धारित दायरे के अंदर दुकान का चयन तो किया, लेकिन मानकों की जमकर अनदेखी हो रही है। मोहल्लों में इसका प्रखर विरोध भी चल रहा है। उधर, कोर्ट के नए आदेश में जिले की करीब आधा सैकड़ा शराब के दुकानदारों को राहत मिली है। अब इन दुकानों को नहीं हटाना होगा।
जिले में देशी, विदेशी मंदिरा व बीयर की कुल 219 दुकानें हैं। इनमें से 116 दुकानें ऐसी हैं जो नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे चल रही हैं। इनमें विदेशी 54, देशी 34 और बीयर की 26 दुकानें व दो माडल शाप भी शामिल हैं। जिला आबकारी अधिकारी डॉ.सुरेशचंद्र ने इन दुकानदारों को 31 मार्च तक दुकानें हटाकर हाईवे से 500 मीटर दूर करने की हिदायत दी थी।
इसमें शहर के माडल शाप, रोडवेज के निकट देशी शराब की दुकान, बबेरू व मुरवल में देशी शराब के 6 दुकानदारों ने जगह छोड़ने से इंकार कर लाइसेंस सरेंडर कर दिए। 110 दुकानदारों ने नई जगह का चयन कर आबकारी को नई दुकान का प्रस्ताव भेजा है। इन स्थलों में मानकों की जांच कराई जा रही है। अभी तक कई दुकानें ऐसी मिली हैं, जो मानक पूरा नहीं कर रही हैं। स्थान परिवर्तन की वजह से करीब आधा दर्जन से ज्यादा शराब व बीयर की दुकानें सप्ताह भर से बंद चल रही हैं।
इससे विभाग को हर रोज हजारों रुपये राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इधर, नई जगहों पर शराब की दुकान खुलने से मोहल्लेवासियों का विरोध भी मुखर हो रहा है। कईं मंदिर तो कहीं स्कूलों व मस्जिदों के पास शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। उधर, सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश ने शराब कारोबारियों को काफी राहत दी है। आदेश के तहत जिन इलाकों से हाईवे गुजरता है, यदि वहां आबादी 20 हजार से कम है तो वहां शराब दुकान की दूरी हाईवे से 220 मीटर तक रखी जा सकती है।
ऐसे में करीब 50 दुकानदारों को अपनी दुकानें समेटनी नहीं पड़ेंगी। आबकारी इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने कहा कि हाइवे से दुकान हटाने के लिए जिन 110 दुकानदारों के प्रस्ताव आए हैं। उनमें देखा जाएगा कि मानक पूरे होते हैं या नहीं। यदि निर्धारित मानक पूरे नहीं हैं तो दुकान निरस्त कर दी जाएगी। स्कूल, मंदिर व मस्जिद के बगल में दुकानें नहीं खोली जाएंगी।