बांदा। किशोरियों के साथ दुष्कर्म की तीन अलग-अलग घटनाओं के गुनहगारों को अदालत ने 10-10 वर्ष की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक-एक वर्ष और कैद होगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव निवासी पिता ने 5 अप्रैल 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि परिवार खेत में था। घर में 14 वर्षीय पुत्री और 6 वर्षीय नातिन थी। इसी दौरान पड़ोसी वीर पुत्र बदलुवा पुत्री को ले गया। पिता शाम को घर लौटा तो नातिन ने जानकारी दी। आरोपी के घर उसकी पुत्री अस्त-व्यस्त हालत में पड़ी मिली। बताया कि उसे घसीटकर ले आए और दुष्कर्म किया है।
किशोरी के घरवालों ने आरोपी को पकड़ लिया और किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी रामसुफल सिंह ने छह गवाह पेश किए। शनिवार को अपर जिला न्यायाधीश ने वीर को पॉस्को एक्ट में सजा सुनाई।
दूसरी घटना बिसंडा थाना क्षेत्र के गांव की है। यहां पहली अप्रैल 2019 को शाम 4 बजे 14 वर्षीय किशोरी के साथ घर के सामने ही रहने वाले एक नाबालिग और उसके रिश्तेदार पुष्पेंद्र ने दुष्कर्म किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर 3 अप्रैल 2019 को दोनों को जेल भेज दिया। तफ्तीश के बाद अदालत ने आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी ने अभियोजन की ओर से पांच गवाह पेश किए।
एक आरोपी के नाबालिग पाए जाने पर उसकी फाइल जुबेनाइल कोर्ट भेज दी गई। शनिवार को अपर जिला न्यायाधीश ने आरोपी पुष्पेंद्र पुत्र रामेश्वर को पास्को एक्ट में 10 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। धारा 452 में तीन वर्ष की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर क्रमश: एक वर्ष व एक माह की और कैद होगी।
तीसरी घटना गिरवां थाना क्षेत्र के गांव की है। यहां 21 जून 2018 को खेत गई 14 वर्षीय किशोरी के साथ दोपहर को गांव के युवक फूलचंद्र पुत्र राजकुमार वर्मा ने दुष्कर्म किया। आरोपी को अगले ही दिन रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। विवेचना के बाद अदालत में चार्ज शीट दाखिल की। एडीजीसी ने पांच गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी फूलचंद्र को 10 वर्ष की कैद व 50 हजार जुर्माने की सजा दी। जुर्माना न देने पर एक वर्ष और जेल में रहना होगा। उपरोक्त तीनों घटनाओं के आरोपी जेल में हैं। अदालत ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया।