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चुनावी चक्रव्यूह में फंसे हजारों मनरेगा मजदूर

Wed, 15 Feb 2017 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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फाइल फोटो
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बांदा। चुनावी चक्रव्यूह में जिले के श्रमिक फंस गए हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद से जनपद में मनरेगा के रोजगार सृजन में कमी आई है। महुआ व बड़ोखर ब्लाक में एक भी परिवार को काम नहीं मिला है। जबकि बड़ोखर में एक को ही काम मिला है। नरैनी व बबेरू ब्लाक में भी काम करने वालों की संख्या आधा सैकड़ा से भी कम है।मजदूरों को पलायन रोकने के लिए बनाया गया महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम चुनावी समर में ही प्रभावी नहीं दिख रहा है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के फेर में मनरेगा की हालत दयनीय हो गई है।
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वर्तमान में ग्राम पंचायतों द्वारा नए रोजगार सृजन का प्रस्ताव नहीं किया जा रहा है। इन हालात में विभिन्न ग्राम पंचायतों के अंदर काम पूरी तरफ ठप हो चुका है। मजदूरों को काम की तलाश में यहां वहां भटकना पड़ रहा है। तमाम मजदूर जिला मुख्यालय पर काम के लिए आ रहे हैं। इसके बाद भी कइयों को मायूसी हाथ लग रही है। जिले में सिर्फ 7322 परिवार ही काम कर रहे हैं। इससे मनरेगा की प्रगति का अंदाजा लगाया जा सकता है। जबकि इस साल जिले में 72,638 परिवारों ने योजना में काम की मांग कर चुके हैं। इनमें से 64,352 परिवारों को काम दिए जाने का दावा किया जा रहा है।


जिले में मनरेगा के काम की स्थिति
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ब्लॉक        कुल पंजीकृत श्रमिक        लाभान्वित
बबेरू             28679            1544
बड़ोखर             24089             688
बिसंडा             24488             628
जसपुरा             12972             305
कमासिन             19971             160
महुआ             29425             1018
नरैनी             34092             2091
तिंदवारी             19690             888
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योग                1934065        7322
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चूल्हा जलना मुश्किल
बांदा। मनरेगा सेल और ब्लाक के अफसर चुनाव में व्यस्त हैं। श्रमिकों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। ऐसी स्थिति में श्रमिकों के सामने रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। तमाम मजदूरों के घर के चूल्हे जलना मुश्किल हो रहा है।
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‘इस समय मस्टर रोल जारी नहीं हो रहे हैं। श्रमिक भी खेती किसानी के कामों में लगे हैं। चुनाव के बाद नए और पुराने कामों को शुरू किया जाएगा। फिलहाल विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी चुनावी पेंच में फंसे हुए हैं।
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विकास मिश्रा, उपायुक्त (श्रम रोजगार)
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