बांदा। इन दिनों 46 डिग्री पार कर रहे तापमान के बावजूद प्रशासन व पालिका सहित परिवहन निगम ने राहगीरों के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। सरकारी कार्यालयों व सार्वजनिक स्थलों पर मटके तो रखवा दिए गए हैं, पर इनमें सुबह एक बार ही पानी भरा जाता है। खत्म होने के बाद खाली पड़े रहते हैं। अभी तक राहगीरों के लिए रैन बसेरा आदि के भी कोई इंतजाम नहीं हैं। तेज धूप में दूर से आने वाले लोग पेड़ की छाव तलाशते हैं।
नगर पालिका व प्रशासन सर्दी के दिनों में तो गरीबों व राहगीरों के लिए रैन बसेरा व अलाव आदि के इंतजाम कराता है, पर प्रचंड गर्मी में कोई इंतजाम नहीं दिख रहे हैं। इस समय जिले में 46 डिग्री से ज्यादा तापमान है। सड़कों पर निकलने वाले राहगीरों की तेज धूप में हालत खराब हो रही है। दूर-दराज से आने वाले यात्रियों व राहगीरों को गर्मी में कुछ पल आराम आदि के लिए अभी तक शहर व कस्बों में कोई इंतजाम नहीं किए जा सके हैं। तहसील, रोडवेज और रेलवे सहित सार्वजनिक स्थलों पर मटके जरूर रखवाए गए हैं। इन मटकों में पानी सिर्फ सुबह ही भरा जाता है। भीषण गर्मी में लोगों का हलक सूखता है। ऐसे में मटकों का पानी दस बजते-बजते खत्म हो जाता है। इसके बाद यह पूरे दिन सूखे पड़े रहते हैं। लोगों को पाउच व बोतल वाला पानी खरीदना पड़ रहा है।
संजीदा नजर नहीं आ रहा निगम
परिवहन निगम परिसर के अंदर स्थित रैन बसेरा में ताला लटक रहा है। इसके चलते तपती दोपहरी में यात्री इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। यात्री प्रतीक्षालय में ही यात्रियों को ठिकाना मिल पाता है। अगर कोई यात्री किसी परिस्थितिवश रैन बसेरा में रुकना चाहे तो यह संभव नहीं है। रैन बसेरा भवन के बाहर दीवारों के इर्द-गिर्द गंदगी अटी पड़ी है। इसके साथ ही उसकी पेंटिंग आदि भी नहीं कराई गई। रैन बसेरा के प्रवेश द्वार पर परिवहन निगम के कर्मचारी अपने दोपहिया वाहन खड़ा करते हैं। गर्मी के इस मौसम में यात्री सुविधाओं के मद्देनजर रैन बसेरा का ताला खोलते हुए कूलर-पंखा के साथ ही पेयजल का इंतजाम किया जाना चाहिए था, लेकिन परिवहन निगम बेपरवाह है।
वर्जन...
-परिवहन निगम परिसर में स्थित रैन बसेरा का संचालन करने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। एसडीएम सदर के द्वारा संचालन किया जाता है। रैन बसेरा संचालन के लिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। -मुकेश बाबू, एआरएम, बांदा
-रैन बसेरा व पेयजल को लेकर पालिका को देखना चाहिए। इस संबंध में वह पालिका के अधिशासी अधिकारी से बात करेंगे और व्यवस्था कराएंगे।-संदीप केला, सिटी मजिस्ट्रेट, बांदा।