बांदा। जिले की अब सभी गोशालाओं का संचालन ग्राम पंचायतें करेंगी। डीएम ने कहा कि जिन गोशालाओं का संचालन स्वयंसेवी संस्थाएं कर रह हैं। अनुबंध समाप्त होने के बाद उन्हें ग्राम पंचायत को सौंप दिया जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बीडीओ को पत्र भेजकर अनुबंध समाप्त होते ही गोशालाओं का संचालन ग्राम पंचायतों से कराने के लिए कहा है।
जिलाधिकारी जे.रीभा ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ.एसके बैस को निर्देश दिए कि नगर क्षेत्र की गोशाला नगर निकाय व गांव की गोशाला ग्राम पंचायत संचालित करेंगी। जो गोशालाएं स्वयंसेवी संस्थाएं चला रही हैं, उनमें खासी अनियमितताएं मिली हैं। लिहाजा अनुबंध समाप्त होने के बाद इनसे गोशाला का संचालन छीन लिया जाए। गोशालाओं का संचालन ग्राम पंचायतों से कराया जाए।
सीवीओ ने बताया कि जनपद में पांच वृहद गोसंरक्षण केंद्र का संचालन स्वयंसेवी संस्थाएं कर रही हैं। बबेरू ब्लाॅक के बड़ागांव के गोवंश वन्य विहार का संचालन स्वयं सेवी संस्था मेरा गांव मेरा देश सोसाइटी कर रही है। संस्था का अनुबंध 21 मई को समाप्त हो जाएगा। विकास खंड बड़ोखर खुर्द के कनवारा गांव में वृहद गो संरक्षण केंद्र का संचालन गोपाल गो सेवा ट्रस्ट प्रयागराज कर रही है।
इसके अलावा नरैनी ब्लाॅक के रगौली भटपुरा, पैलानी के सिंधनकला व पौहार के वृहद गोसंरक्षण केंद्र का संचालन स्वयंसेवी संस्थाएं कर रही हैं। कनवारा व बड़ागांव के वृहद गोसंरक्षण केंद्र के संचालन का अनुबंध पत्र समाप्त होने वाला है। बबेरू और बड़ोखर खुर्द बीडीओ को नोटिस जारी कर कहा गया है कि स्वयंसेवी संस्था का अनुबंध समाप्त होने के बाद गोसंरक्षण केंद्र का संचालन ग्राम पंचायत से कराया जाए।