कचहरी रेलवे ओवर ब्रिज पर पेड़ की छांव में खड़े जानवर।
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आंधी, ओला और बूंदाबांदी से दो दिन तक मामूली राहत के बाद बुधवार को फिर गर्मी के तेवर तीखे हो गए। जून के पहले हफ्ते में 48 डिग्री से ऊपर पहुंचे पारे और सूरज के तल्ख तेवरों ने चित्रकूटधाम मंडल को तपा दिया। हर मुख से ‘आह’ निकल पड़ी। चारों जिलों में बांदा सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां का तापमान 48.2 दर्ज किया गया। देर रात तक गर्म हवाओं से लोग बेचैन रहे।
मई के के अंतिम सप्ताह में 49 डिग्री पारे ने बुंदेलखंड को तपाया था, रविवार की शाम मौसम ने करवट बदली और बूंदाबांदी, आंधी और ओलों ने भीषण गर्मी से कुछ राहत दी। इससे पारा घटकर 43 डिग्री के आसपास आ गया। बुधवार को एक बार फिर मौसम ने तेवर बदले और सुबह से ही प्रचंड गर्मी और गर्म हवाओं ने बेहाल कर दिया। धूप भी शिद्दत की रही। दोपहर को बांदा का तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा। इंसान हों या जानवर हर कोई पेड़ की छांव तलाशते और पनाह लेते नजर आए। लू के थपेड़ों से राहगीरों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। रात का न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा।
गर्मी के मामले में महोबा दूसरे नंबर पर रहा। यहां तापमान 47.5 और न्यूनतम 31.5 डिग्री सेल्सियस रहा। चित्रकूट का अधिकतम तापमान 46 और न्यूनतम 30.5 और हमीरपुर में 45.5 और 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। केंद्रीय जल आयोग मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रचंड गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। पछुवा हवाएं चलने से पारा चढ़ रहा है। फिलहाल गर्मी से राहत की जल्द उम्मीद नहीं है।
गर्मी से बढ़ रहीं बीमारियां
बांदा। गर्मी के कारण त्वचा संबंधी बीमारियां दस्तक दे रही हैं। फोड़े, फुंसी और खुजली आदि के मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉ. विनीत सचान ने लोगों को इस गर्मी से सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मौसम के उतार-चढ़ाव के चलते बुखार, डायरिया, पेट व त्वचा संबंधी बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने गर्मी व उमस के बीच दिन में कम से कम पांच लीटर पानी पीने की जरूरत बताई है। हलके कपड़े पहनने और हल्का व ताजा भोजन करने की भी सलाह दी है। ब्यूरो