आंधी से धराशायी हुआ पारीछा-बांदा एचटी लाइन का टावर।
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में बुधवार को आंधी ने पावर कारपोरेशन का बंटाधार कर दिया। इसके साथ ही चित्रकूटधाम मंडल की बिजली आपूर्ति अस्त-व्यस्त हो गई। आंधी से पारीछा से बांदा बिजली आपूर्ति वाली 220 केवी लाइन के दो टावर धराशायी हो गए। इससे मंडल को मिल रही सौ मेगावाट बिजली ठप हो गई। लगभग एक पखवारे तक चित्रकूटधाम मंडल में बिजली का संकट रहेगा। पावर कारपोरेशन को लगभग 12 लाख रुपये की चपत लगी है।
पिछले तीन दिनों से रोजाना आंधी के झोंके बिजली की लाइनों, खंभों और ट्रांसफार्मरों को नेस्तनाबूद कर रहे हैं। बिजली और पानी दोनों का ही जबरदस्त संकट खड़ा हो गया है। इसी दौरान बुधवार को सुबह करीब 10:45 बजे पश्चिम से उत्तर की ओर चली भीषण धूल भरी आंधी ने गोयरा मुगली गांव के पास 220 केवी लाइन के दो टावरों को धराशायी कर दिया। टावर संख्या 66 व 67 बुरी तरह बिखर गए। घटना के समय हाईटेंशन ये लाइनें चालू थीं लेकिन गनीमत रही कि कोई इनकी चपेट में नहीं आया और हादसा नहीं हुआ। यह टावर पारीछा (झांसी) बिजलीघर से यहां तिंदवारी रोड में स्थित 220 केवी सब स्टेशन तक आई लाइन के हैं। टावर गिरते ही आपूर्ति बंद हो गई।
सूचना मिलते ही ट्रांसमिशन अधीक्षण अभियंता रमेशचंद्र और अधिशासी अभियंता उमेश वर्मा तथा उप खंड अधिकारी राजीव आर्या मौके पर पहुंच गए। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पारीछा से 200 मेगावाट बिजली ली जा रही है। इससे बांदा, हमीरपुर और महोबा जनपदों को आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि नए टावर तैयार करने में लगभग 15 दिन लगेंगे। तब तक मंडल में बिजली का कुछ संकट बना रहेगा। ओवरलोडिंग होने पर कटौती की जाएगी। बताया कि अब फतेहपुर से कुछ बिजली ली जा रही है। इसलिए तीनों जनपदों को दो ग्रुपों में बांटकर बारी-बारी से बिजली दी जाएगी। गांवों में दो से तीन घंटे और शहर में एक से दो घंटे की कटौती की जा सकती है। उन्होंने बताया कि टावर गिरने से लगभग 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ। यह भी बताया कि नए टावर खड़े करने के लिए महोबा से आदमी बुलाए गए हैं। तत्काल काम शुरू हो रहा है।