बांदा। सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा समिति की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन परिवहन निगम सही तरीके से नहीं कर रहा है। चार माह का समय गुजर जाने के बावजूद नियमित और संविदा चालकों की आंखों की जांच नहीं कराई गई है। बिना आंखों के चेकअप के ही चालक रोडवेज बसों को दौड़ा रहे हैं।
परिवहन निगम के पास इन दिनों 15 नियमित चालकों के अलावा 234 संविदा चालक रोडवेज बसों को रूट पर दौड़ाने का काम कर रहे हैं। चालक की नजर कैसी है, इसके लिए परिवहन निगम के अधिकारियों को परवाह नहीं है। पिछले चार माह से चालकों की आंखों का परीक्षण नहीं हो सका है।
परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश बाबू गुप्ता ने बताया कि इसके पूर्व सप्ताह में प्रति मंगलवार को चालकों की आंखों की जांच की जाती थी, लेकिन चार महीने से शिविर नहीं लगाया गया है। उन्होंने कहा कि शासन और परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शिविर लगाया जाएगा और संविदा व नियमित चालकों की आंखों का परीक्षण कराया जाएगा।
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कई चालकों की आंखों पर चढ़ा चश्मा
परिवहन निगम के बांदा डिपो में कई ऐसे चालक हैं, जिनकी आंखों पर चश्मा चढ़ा हुआ है। चश्मा लगाकर वह बसों को चलाते हैं। ऐसे में उनकी आंखों का चेकअप कम से कम महीने में एक बार जरूर होनी चाहिए, लेकिन डिपो के चालकों की आंखों की चार महीने से जांच नहीं हो सकी है।