बांदा। कपड़ा व्यापारी की हत्या कर उसी की दुकान मेें शव छोड़कर दुकान का सामान और नकदी ले जाने के आरोपी तीनों नौकरों को अदालत ने बरी कर दिया। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।
मामला बांदा शहर का है। ईदगाह चौराहा अलीगंज पुलिस चौकी के पास मनोज कुमार पांडेय कपड़े की दुकान थी। 19 अप्रैल 2012 को बंद दुकान के अंदर दुर्गंध उठने पर पुलिस ने दुकान खुलवाई तो मनोज पांडेय का शव बरामद हुआ। दुकान का काफी कपड़ा और कुछ नकदी गायब थी। मृतक के भाई दिलीप कुमार पांडेय ने इसी दुकान के नौकर रमेश चिकवा, धर्मेंद्र विश्वकर्मा और छोटू के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। यह तीनों आरोपी ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के रहने वाले हैं।
अगले दिन पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास तीन बंडल कपड़ा और रुपये भी बरामद होना बताया गया है। विवेचना के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या की धारा 302 व 404 आईपीसी के तहत आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए।
शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश केके अस्थाना इस मुकदमे का फैसला सुनाया। अपने 29 पृष्ठीय आदेश में न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष द्वारा पर्याप्त साक्ष्य पेश न करने के अभाव में तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। अभियुक्तों की वकालत अधिवक्ता अजीज अहमद ने की।