बांदा/कमासिन। फसल के सदमों ने तीन और किसानों को मौत की नींद सुला दिया। 24 घंटे के अंदर जनपद मेें चार किसान चल बसे हैं। पुलिस ने पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मंगलवार को ताबड़तोड़ तीन घटनाओं में तीन किसानों की जान चली गई। पैलानी तहसील के गड़रिया गांव में किसान वकील सिंह (50) पुत्र लाल सिंह की मंगलवार को दोपहर हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसने चार बीघे में ज्वार व अरहर बोई थी। यह फसल सूख गई। दोपहर को खेत में ही उसे दिल का दौरा पड़ा।
कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पत्नी सुनीता ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड का एक लाख रुपये कर्ज था। रिश्तेदारों व गांव वालों से भी लगभग 70 हजार रुपये ले रखे थे। पुत्री की शादी की भी चिंता थी। पैलानी एसडीएम आरएन पटेल ने बताया कि वह मृतक किसान के घर गए थे। जांच कर हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
किसान की दूसरी मौत की घटना देहात कोतवाली क्षेत्र के महोखर गांव में हुई। सदल (50) पुत्र भइया मंगलवार को सुबह खेत में था। वहीं उसे दिल का दौरा पड़ा। इससे वह वहीं पर गिर गया। पत्नी और पुत्रों ने उसे जिला अस्पताल के हृदय रोग विभाग में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पत्नी अनवरी ने बताया कि पशु पालन के लिए कई सालों पहले बैंक से 20 हजार रुपए का कर्ज लिया था। अदा न होने पर ब्याज बढ़कर एक लाख से ज्यादा हो गया। इसी चिंता में दिल का दौरा पड़ा।
तीसरी घटना कमासिन थाना क्षेत्र के जामू गांव की है। राजनारायण राजपूत (45) पुत्र बाबूलाल मंगलवार को दोपहर खेत गया था। परती (सूखा) खेत देखकर दिल का दौरा पड़ गया। परिजनों ने उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने कानपुर रिफर कर दिया।
कानपुर ले जाते समय उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। वह अपने पीछे दो पुत्र और तीन पुत्रियां छोड़ गया। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व सोमवार को भी एक किसान की मौत हो गई थी। गिरवां थाना क्षेत्र के बहेरी गांव निवासी किसान चंद्रपाल (55) पुत्र रामपाल की खेत में धान की मुरझाई फसल देखकर मौत हो गई थी। उस पर बैंक और साहूकारों का डेढ़ लाख रुपये का कर्ज था।