बांदा। प्रेमिका से मिलने की कोशिश में नाकाम बंदी विजय आरख ने खाना-पीना छोड़ दिया है। बताया गया कि 10 जून को कथित प्रेमिका की शादी है। इससे परेशान होकर बंदी ने जेल से भागने की नाकाम कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक बंदी के भागने की भनक लगते ही पुलिस ने सबसे पहले प्रेमिका के घर को घेरा था।
गिरवां थाना क्षेत्र के बरसड़ा बुजुर्ग गांव निवासी विजय आरख चोरी के आरोप में 6 फरवरी से यहां जेल में कैद है। रविवार को कृषि फार्म में काम करके वापस जेल आने के बाद शाम को उसने बांस के सहारे जेल की सर्किल वाल पारकर भागने की कोशिश की। कमर में चोट आ जाने पर वह वहीं घास में छिप गया।
हालांकि 22 घंटे बाद उसे दबोच लिया गया। जेल से भागने के बाबत पूछताछ में विजय आरख ने पुलिस और जेल प्रशासन को बताया कि पास के ही दूसरे गांव की एक स्वजातीय लड़की से उसका तीन साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। 10 जून को उसकी शादी की खबर सुनकर वह परेशान हो गया तो उसने जेल से भागने का निर्णय ले लिया। सूत्रों के मुताबिक प्रेमिका से न मिल पाने के मलाल में बंदी की भूख-प्यास मिट गई। यह भी चर्चा है कि जेल पीसीओ से उसने बातचीत भी की थी। तभी उसे प्रेमिका की शादी की जानकारी हुई। हालांकि जेल प्रशासन इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।
यह भी चर्चा है कि बंदी के भागने की सूचना मिलते ही पुलिस ने सबसे पहले कथित प्रेमिका के घर को घेर लिया था। सादे कपड़ों में घर के अंदर और बाहर तैनात थी। लेकिन फरार बंदी विजय जेल की मुख्य दीवार को नहीं लांघ सका और आखिरकार पकड़ा गया।
और बढ़ा दी गई जेल की सुरक्षा
बांदा। जेलर प्रमोद तिवारी ने बताया कि मौजूदा में 62 बंदी रक्षक तैनात है। एक रक्षक पर कई-कई बंदी की जिम्मेदारी है। पूरे जेल परिसर में कुल 38 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उन्होंने बताया कि जेल की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।
अब हर बंदी के बैरक से आने-जाने का पूरा ब्योरा रजिस्टर में भी दर्ज किया जाएगा। साथ ही जेल के अंदर अब ऐसी कोई वस्तु नहीं रहेगी जिससे किसी प्रकार का कोई खतरा या परेशानी उत्पन्न हो सके।