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हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजे शिवालय

Mon, 04 Mar 2019 11:32 PM IST
ASIF ASIF अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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बांबेश्वर पर्वत स्थित शिव मंदिर द्वार पर श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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भोले और भक्ति के संगम महाशिवरात्रि पर शिवालयों में श्रद्धालुओं का समूह उमड़ पड़ा। ‘हर हर महादेव’ और ‘बम भोले’ के उद्घोषों के बीच शिवलिंग पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक हुआ। शिव-पार्वती विवाह में शिव बारात निकाली गई। 

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फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को महाशिवरात्रि मनाई गई। मान्यता है कि इसी दिन सृष्टि की शुरुआत और शिव पार्वती का विवाह हुआ। वैसे तो साल में 12 शिवरात्रियां होती है, लेकिन महाशिवरात्रि का महत्व अलग है। इसके लिए शिवालयों को कई दिन से सजाया और संवारा जा रहा था। तड़के से ही श्रद्धालुओं की आमद शुरू हो गई। मुख्य आकर्षण शहर के बांबेश्वर पर्वत पर स्थित शिव मंदिर में रहा। यहां 20 फीट लंबी गुफा में स्थित शिवलिंग की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी। महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। आयोजकों ने बैरीकेटिंग लगाकर महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए थे।

अभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेल पत्र, धतूरा फल, मदार पुष्प, आम्र बौर, बेर आदि चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। शाम को शिवलिंग का भव्य शृंगार किया गया। आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पुलिस के साथ बांबेश्वर नवयुवक समाज के स्वयंसेवक मंदिर की व्यवस्था संभाले रहे। पहाड़ तले मंदिर मार्ग पर पूजा सामग्री आदि की दुकानों में भारी भीड़ रही। उधर, कटरा स्थित शिव मंदिर में भव्य सजावट के साथ दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। संकटमोचन, महेश्वरी देवी, काली देवी, बटुकेश्वर मंदिर (अलीगंज) समेत शहर के सभी शिवालयों में शिवरात्रि की धूम रही। 
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महाशिवरात्रि पर गांव और कस्बे भी शिव भक्ति में डूबे रहे। ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में सीमावर्ती मध्य प्रदेश सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से शिव भक्तों का भारी हुजूम रहा। देर शाम रुद्राभिषेक और हवन पूजन हुआ। आरती के बाद राजपुरोहित पंडित शंकर प्रताप मिश्रा ने विधि विधान के साथ शंकर पार्वती के विवाह की रस्में पूरी कीं। भगवान नीलकंठ का शृंगार किया गया। कलेवा और मंगल गीत हुए। बलखंडेश्वर मूर्ति पर शिव विवाह हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय पुलिस के अलावा भी बाहरी पुलिस बल भी लगाया गया।

अतर्रा के सिद्धपीठ गौराबाबा में गौराबाबा जन कल्याण सेवा समिति ने ठंडई का वितरण किया। हर-हर महादेव गंगे के जयकारे गूंजते रहे। जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के साथ पूजा-अर्चना हुई। अन्य शिव मंदिरों में भी पूजा अर्चना की गई। गौराबाबा धाम पुजारी पुरुषोत्तमदास ने कहा कि भोले बाबा भक्तों को मनोवांछित फल देते हैं।


बबेरू में भक्तों की भारी भीड़ के साथ शिव बारात निकली। बांदा रोड स्थित नागेश्वर महाराज की गद्दी से उदयानंद महाराज की अगुवाई में बारात रवाना हुई। झांकियां डीजे और शिव, राम, सीता आदि के स्वरूपों में सजी झांकियां शामिल थीं। जगह-जगह आतिशबाजी भी की गई। आम चौराहे पर उदयानंद महाराज ने आरती उतारी। मढ़ीदाई सहित कस्बों के प्रमुख मार्गों में बारात का भ्रमण हुआ।

 

कन्याभोज और भंडारे किए गए। व्यापार मंडल अध्यक्ष सुधीर अग्रहरि, महामंत्री बसंत गुप्ता, विहिप जिलाध्यक्ष शिवविलास शर्मा आदि उपस्थित रहे। उधर, खप्टिहा कलां के कालेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक के बाद पूजन किया। मंदिर में भव्य फूलों से सजावट की गई थी। भंडारे में भक्तों ने लंगर छका। बदौसा प्रतिनिधि के मुताबिक पुरानी बाजार से निकली शिव बारात में झांकी आकर्षक रही। नई बाजार शिव मंदिर में भक्तों ने प्रसाद बांटा। गिरवां के भूतेश्वर पहाड़ स्थित भूतनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।

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