बांदा। बारिश व बदली के मौसम में दलहनी और तिलहानी
फसलों में माहू कीट नुकसान पहुंचा सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने
किसानों को माहू रोग से निपटने के उपाय सुझाए हैं।
उप कृषि रक्षा
निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान हमीरपुर,
चित्रकूट व महोबा में सरसो और मसूर की फसलों में माहू कीट के प्रकोप का
मामला सामने आया है।
यह मटमैले भूरे रंग के कीट झुंडों में कोमल
पत्तियों व डालियों का रस चूसकर पौधों को कमजोर कर देते हैं। इससे पौधे व
दाने कमजोर हो जाते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि कृषि रक्षा इकाई
में 50 फीसदी अनुदान पर कीट रसायन उपलब्ध हैं।
माहू को खत्म करने
के लिए डाईमिथोएट30 ईसी एक लीटर मिथाइल ओ डिमेटान 25 ईसी एक लीटर
मोनोक्रोटोफॉस 36 एसएल एक लीटर और डाईक्लोवास 70 ईसी 500 एमएल को पांच सौ
लीटर पानी में घोल बनाए और इसका छिड़काव करें।