बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए परीक्षा केंद्रों में मंगलवार का दिन तैयारियों में बीता। विद्यालयों में टूटी-फूटी खिड़कियां व फर्नीचर दुरुस्त कराने के साथ सीटिंग प्लान भी तैयार किया गया। उधर, डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापकों से कक्ष निरीक्षकों की उपलब्धता का ब्योरा मांगा है। कम हो रहे कक्ष निरीक्षकों का कोटा बेसिक शिक्षा विभाग से पूरा किया जाएगा। उधर, बारिश से कई केंद्रों में जल भराव हो गया।
यूपी बोर्ड परीक्षा के करीब 48 घंटे बचे हैं। केंद्र व्यवस्थापकों ने अब तेजी दिखाई है। डीआईओएस ने दो दिन पूर्व बैठक में केंद्र व्यवस्थापकों को हिदायत दी थी कि कहीं भी फर्नीचर व खिड़कियां आदि टूटी मिलीं या कमरों में अंधेरा हुआ और मानक के अनुरूप नहीं पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि यह चेतावनी डीआईओएस ने 15 दिन पूर्व भी केंद्र व्यवस्थाकों को दी थी। लेकिन सभी चुप्पी साधे रहे। मंगलवार को जीआईसी बांदा में दिन भर फर्नीचर दुरुस्त कराने और सीटिंग प्लान का कम चला। उधर, नगर पालिका इंटर कॉलेज, बजरंग इंटर कॉलेज, आर्यकन्या, जीजीआईसी, फात्मा गर्ल्स इंटर कॉलेज और डीएवी व खानकाह में सफाई और सीटिंग प्लान का काम चलता रहा।
आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य मेजर मिथलेश पांडेय ने बताया कि परीक्षा के लिए उनके केंद्र में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 18 फरवरी से बोर्ड परीक्षा जिले के 69 केंद्रों पर होनी हैं। इनमें 18 संवेदनशील हैं। हाईस्कूल और इंटर में 50236 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
छेदीलाल इंटर कॉलेज भी बना सेंटर
बांदा। परीक्षा से दो दिन पूर्व अतर्रा के छेदीलाल इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। केंद्र व्यवस्थापक शिवाकांत शास्त्री ने बताया कि उनके यहां अध्ययनरत संस्थागत छात्राओं की बोर्ड परीक्षा इसी विद्यालय में होंगी। अभी तक उनके विद्यालय का सेंटर सरस्वती इंटर कॉलेज था।