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अफसरों ने विधवा को खुदकुशी से रोका

Tue, 20 Sep 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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आमादा विधवा को समझाते सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। पति की मौत के बाद ससुराल में विधवा जीवन जीना दुश्वार हो गया। आए दिन उत्पीड़न के बाद ससुराल से बेघर कर दी गई दुधमुंही पुत्री और खुद को जलाने के लिए मिट्टी का तेल डाल लिया। इसी बीच पहुंची पुलिस और अधिकारी ने उसे समझा कर आत्मदाह से रोक लिया। प्रशासनिक और पुलिस अफसरों ने जांच के बाद उत्पीड़न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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सिविल लाइन इलाके में डीसीडीएफ के पास मंगलवार को खासा हंगामा हो गया। तमाशाइयों की भीड़ लग गई। ससुराल के दरवाजे विधवा एकता मिश्रा डेढ़ माह की पुत्री के साथ खुद को जिंदा फूंकने की कोशिश कर रही थी। आसपास के लोगों और राहगीरों ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों को सूचना दी। सिविल लाइन चौकी प्रभारी एके सिंह आ गए और उसके हाथ से मिट्टी के तेल की शीशी छीन ली। कुछ ही देर में प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट प्रहलाद सिंह और क्षेत्राधिकारी डा. राकेश कुमार मिश्र आ गए।

दोनों अफसरों ने विधवा से पूरा मामला समझा। आत्महत्या न करने के लिए समझा-बुझाकर राजी कर लिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने भरोसा दिलाया कि ससुराल में उत्पीड़न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उसका का जो भी हिस्सा होगा वह दिलाया जाएगा। विधवा की सास से भी पुलिस ने पूछताछ की। एकता मिश्रा कुंवरपुर (फतेहपुर) की रहने वाली है। उसकी शादी 7 दिसंबर 2012 को अंकित मिश्रा (बांदा) से हुई थी। 25 नवंबर 2014 को पति ने आत्महत्या कर ली। उस समय एकता गर्भवती थी। ससुर की भी मौत हो चुकी है। एकता का आरोप है कि देवर और सास ने काफी चल व अचल संपत्ति अपने नाम करवा ली। उसे घर से बाहर निकाल दिया।
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